Navratri 2023 : 15 अक्तूबर से 23 अक्तूबर 2023 तक शारदीय नवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। नवरात्रि से पहले पितृपक्ष मनाते हैं। एक माह के पितृपक्ष के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही सभी शुभ कार्यों का आयोजन किया जा सकता है। कहते हैं कि नवरात्रि के दिनों में मां दुर्गा धरती पर आती हैं, जो भक्त उनका स्वागत करते हैं, उनके साथ नौ दिनों तक वास करती हैं।
अब घर में देवी मां का आगमन हो शुभ कार्यों के आयोजन के साथ उनका आशीर्वाद भी होता है। हालांकि नवरात्रि में सभी तरह के शुभ काम होते हैं लेकिन विवाह नहीं किया जाता है। मां के आशीर्वाद के साथ गृह प्रवेश, मुंडन, खास पूजा, रिश्ता तय करना और किसी नए काम का श्रीगणेश कर सकते हैं लेकिन शादी के बंधन में नहीं बंध सकते हैं। इस लेख के जरिए जानिए कि आखिर शुभ कार्यों के लिए उत्तम समय होने के बाद भी नवरात्रि में शादी जैसा शुभ कार्य क्यों नहीं किया जाता है और नवरात्रि में अन्य कौन से काम वर्जित होते हैं।