वैसे, जो लोग आत्ममुग्ध होते हैं उन्हें ऐसी स्वीकारोक्ति से ज़्यादा तकलीफ़ होती है। कई लोग तो डिप्रेशन में भी चले जाते हैं। वहीं, कुछ अपने साथी की बेवफ़ाई से बहुत आक्रामक हो जाते हैं। अगर कोई एक बार बेवफ़ाई करता है, तो आम तौर पर उसके साथी उसे माफ़ कर देते हैं। कई बार इस वजह से रिश्ते टूटते हैं। वरना, अक्सर लोग ऐसे धोखों के बावजूद रिश्तों को बचाने की कोशिश करते हैं। लेकिन, अगर धोखा देना आदत ही बन जाए, तो फिर कोई विकल्प नहीं रहता, सिवा इसके कि उस रिश्ते से पिंड छुड़ा लिया जाए। इसमें कोई दो राय नहीं कि हमारे समाज में बेवफ़ाई की घटनाएं आम हो रही हैं। हर रिश्ते में इसकी गुंजाइश रहती है इसलिए शायद इस बारे में बात करने का सही वक़्त अभी नहीं आया है।