प्रतीकात्मक तस्वीर
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'एडल्ट ऐरेजमेंट्स'
मेरा सामना एक ऐसे अधेड़ लैंडलॉर्ड से भी हुआ जो 'रेंट फॉर सेक्स' का ऑफर कर रहा था। वो न्यूकैसल के एक फ्लैट में अकेले रहता था। जिस कैफे में हम मिल रहे थे, वहां से वो भड़कते हुए बाहर निकल गया लेकिन आखिरकार वो बात करने के लिए तैयार हो गया। उसका कहना था कि वो केवल 'साथी तलाश रहा था' और 'ये केवल सेक्स के लिए नहीं' था। उसने मुझसे कहा, "मुझे नहीं मालूम था कि मैं कोई गलत काम कर रहा था।" एक औरत जो उसके साथ रह रही है, वो एहसान चुकाने के एवज में और बेघर होने के डर से उसके साथ सेक्स कर सकती है, भले ही इसमें उसकी मर्जी शामिल न हो।
मैंने ये बात उसे समझाने की कोशिश की। मेरी बात पर उसने कहा, "मैं समझता हूं कि इस सहमति का ये एक स्याह पहलू हो सकता है।" लेकिन इसके बावजूद वो शख्स इस बात का ईमानदारी से जवाब नहीं दे सका कि क्या वो भविष्य में ऐसे 'एडल्ट ऐरेजमेंट्स' तलाशेगा या नहीं। मैं इस डॉक्यूमेंट्री के सिलसिले में जितने लैंडलॉर्ड्स से मिली, उनमें ज्यादातर ये बात समझ नहीं पा रहे थे कि वे जो कर रहे हैं, उसमें क्या गलत है। गरीबी के खिलाफ काम करने वाले और किरायेदारों के संगठन के 'एकॉर्न' की एलेन मोरान इसे कुछ यूं समझाती हैं, "हमारे समाज में कुछ लोग ये मानते हैं कि पसंद की चीज हासिल करने के लिए कमजोरों पर ताकत का इस्तेमाल जायज है और इस पर कोई सवाल नहीं पूछा जा सकता है।"