अगर आप चाहती हैं कि आपके पार्टनर के दिल में आपके लिए प्यार बरसों तक शादी के पहले दिन की ही तरह बना रहे तो भूलकर भी तुलसी विवाह के दौरान ये गलतियां ना करें।बता दें, पूरे साल में 24 एकादशी आती हैं। जिसमें महीने में दो एकादशी पड़ती है, एक शुक्ल पक्ष में तो दूसरी कृष्ण पक्ष में।इन सभी एकादशी में कार्तिक शुक्ल एकादशी का विशेष महत्व होता है। इसे देवप्रबोधनी एकादशी या देव उठानी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।भगवान विष्णु देवशयनी एकादशी के चार महीने बाद यानि इस एकादशी में अपनी निंद्रा तोड़ कर जागते हैं। इस दिन शालीग्राम के साथ माता तुलसी का विवाह भी किया जाता है।यदि आप चाहते हैं कि आपका दांपत्य जीवन मधुर बना रहे तो आप तुलसी विवाह को ठीक ढंग से करें जिससे आपको इसका पूरा फल प्राप्त होगा। आइए जानते हैं पति का प्यार बनाए रखने के लिए पूजा के दौरान किन-किन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए।