जब भी आपको ऐसा लगे कि जीवन का सबसे बड़ा सपना टूट गया है तो खुद को थोड़ा वक्त दें। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि खुद को एक अंधेरे कमरे में बंद कर लें। अगर आप रोना चाहते हैं, चीखना चाहते हैं तो चीख लीजिए। आपके दिल में जो भी भाव हो उसे प्रकट करिए। इससे मन हल्का होगा।