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मां के दिए संस्कारों से नरेंद्र बन गए महान विचारक, जानिए विवेकानंद के बचपन की कुछ रोचक बातें

Sun, 12 Jan 2020 12:08 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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Swami Vivekanand
पूरे विश्व को भारत की सभ्यता, संस्कृति और आध्यात्म से परिचय कराने वाले स्वामी विवेकानंद ही थे। उन्होंने अमेरिका के शिकागो में हुए विश्व धर्म सम्मेलन में हिंदू धर्म के महान विचारों से पूरी दुनिया का परिचय करवाया। रामकृष्ण परमहंस के शिष्य और हिंदू धर्म में गहरी आस्था रखने वाले विवेकानंद ने वेद, उपनिषद्, भगवद् गीता जैसे हिंदू शास्त्रों का गहन अध्ययन किया था। अमेरिका के शिकागो में हुए सम्मेलन में अपने भाषण से पूरी दुनिया को हिंदू धर्म के महान विचारों से प्रभावित किया था। चलिए जानें ऐसे ही महान विचारों के बीच बचपन से पले-बढ़े स्वामी विवेकानंद के जीवन और परिवार से जुड़ी कुछ खास बातें। 

 
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स्वामी विवेकानंद
12 जनवरी 1863 को जन्में विवेकानंद के बचपन का नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। बचपन में वीरेश्वर नाम से पुकारे जाने वाले विवेकानंद एक कायस्थ परिवार में जन्में थे। विवेकानंद के पिता कलकत्ता हाईकोर्ट के प्रतिष्ठित वकील थे। परिवार में दादा के संस्कृत और फारसी के विद्वान होने के कारण घर में ही पठन-पाठन का माहौल मिला था। जिससे प्रभावित होकर नरेंद्रनाथ ने 25 वर्ष की उम्र में घर छोड़ दिया था और सन्यासी बन गए थे। 

 
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स्वामी विवेकानंद
विवेकानंद की माता भुवनेश्वरी देवी एक धार्मिक महिला थी और उनका अधिकांश समय भगवान शिव की पूजा में बीतता था। माता और परिवार के धार्मिक और प्रगतिवादी सोच ने  ही उनके अंदर इस तरह के व्यक्तित्व को जन्म दिया था। बचपन में नरेंद्रनाथ बड़े ही नटखट किस्म के थे। ईश्वर को पाने की ललक और उनको जानने की इच्छा में नरेंद्रनाथ अध्यापक और माता-पिता से ऐसे-ऐसे सवाल पूछते थे कि सभी उनकी बातों से निरुत्तर हो जाते थे।

 
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स्वामी विवेकानंद
नौ भाई बहनों में से एक नरेंद्रनाथ दत्त की स्कूली शिक्षा ईश्वर चंद्र विद्यासागर मेट्रोपोलिटन इंस्टीट्यूट में हुई थी। आठ वर्ष की उम्र से स्कूल जाना शुरू करने वाले विवेकानंद ने कलकत्ता से रायपुर जाने से पहले तक इसी विद्यालय में शिक्षा पूरी की थी। विवेकानंद महान विचारों के स्वामी थे। उनका स्वप्न था कि एक समाज ऐसा बने जिसमें धर्म या जाति के आधार पर मनुष्यों में कोई भेद न रहे।  स्वामी विवेकानंद के जन्मदिवस को पूरे देश में युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। 
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