बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए उनकी अच्छी और स्वस्थ परवरिश जरूरी होती है। वैसे तो ये काम हर माता पिता बखूबी करना चाहते हैं। कई बार घर में कई बच्चे होने से भी बच्चों में अच्छी आदतें आ जाती हैं। अक्सर दो-तीन बच्चे साथ होते हैं तो मिलकर काम करना, चीजें शेयर करना और एक दूसरे के साथ सुलह-समझौता करना सीखते हैं। लेकिन जब घर पर बच्चा अकेला हो तो अभिभावकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। इकलौता बच्चा होने पर कई बार बच्चे अकेलापन महसूस करते हैं। उन पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती हैं तो वहीं हद से ज्यादा ध्यान देना भी उनके बर्ताव पर बुरा असर डाल सकता है। इकलौता बच्चा होने पर माता पिता का अधिक लाड प्यार उन्हें बिगाड़ सकता है, तो वहीं अभिभावक की इकलौते बच्चे से अधिक उम्मीदें उसपर दबाव डाल सकती हैं। इकलौते बच्चे की परवरिश में माता-पिता कई गलतियां कर जाते हैं, जो बच्चे के व्यवहार और उसके भविष्य को खराब कर सकती हैं। चलिए जानते हैं कि इकलौते बच्चे की परवरिश में क्या गलतियां करने से बचना चाहिए।