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Parenting Tips: घर में 2 से 12 साल की बेटी है? ये 5 बातें हर माता-पिता को जरूर जाननी चाहिए

Sat, 28 Mar 2026 03:55 PM IST
Shivani Awasthi लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

Daughter Care Tips: अगर घर में 2 से 12 साल की बेटी है, तो उसकी सुरक्षा, सही परवरिश, भावनात्मक सपोर्ट, अच्छी शिक्षा और सही-गलत की समझ देना बेहद जरूरी है। माता-पिता को बच्चों के साथ खुलकर बात करनी चाहिए और उन्हें आत्मविश्वासी बनाना चाहिए।
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अपनी बेटी की परवरिश में इन बातों का ध्यान रखें - फोटो : Adobe

 

Betiyon Ki Parvarish Ke liye Tips: बेटियां घर की खुशियों का सबसे खूबसूरत हिस्सा होती हैं। उनसे घर में रौनक होती है। एक बेटी पिता का नाज, मां की सहेली और भाई की हमराज होती है। लेकिन बेटी की परवरिश में सिर्फ प्यार नहीं, फिक्र भी होती है। खासकर जब बेटियां बड़ी होने लगती हैं। 
2 से 12 साल की उम्र बच्चों के विकास का सबसे अहम समय होता है। इस दौरान सही परवरिश, सुरक्षा और भावनात्मक सपोर्ट देना बेहद जरूरी होता है, खासकर बेटियों को। अगर आपके घर में भी छोटी बेटी है, तो 5 बातें आपको जरूर ध्यान में रखनी चाहिए। अगर आप इन 5 बातों का ध्यान रखते हैं, तो आपकी बेटी न सिर्फ सुरक्षित रहेगी बल्कि आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी बनेगी।

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सही और गलत का फर्क सिखाएं - फोटो : Adobe stock

सही और गलत का फर्क सिखाएं

बचपन से ही बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में समझाना बहुत जरूरी है। वैसे तो ये लड़कों को भी पता होना चाहिए लेकिन बेटियों को इन चीजों के बारे में कम उम्र से ही सिखाना शुरू कर दें। उन्हें यह सिखाएं कि कोई भी असहज स्थिति हो तो तुरंत माता-पिता को बताएं।

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सुरक्षा को प्राथमिकता दें - फोटो : Adobe stock

सुरक्षा को प्राथमिकता दें
 

अपनी बेटी को को अजनबियों से दूरी बनाना सिखाएं। स्कूल और बाहर जाने पर सतर्क रहने की आदत डालें। जरूरी फोन नंबर याद करवाएं। सुरक्षा जागरूकता बच्चों के आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है।

 

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खुलकर बात करने का माहौल बनाएं - फोटो : Adobe stock

खुलकर बात करने का माहौल बनाएं
 

बेटी को यह महसूस कराएं कि वह आपसे हर बात शेयर कर सकती है। डर या डांट की वजह से बच्चे अक्सर बातें छुपाने लगते हैं। उन्हें लोक लाज का भय नहीं, अपनत्व की भावना सिखाएं, ताकि खुलकर बेटी अपने दिल की बात आपसे कर सकें।

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शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर ध्यान दें - फोटो : Adobe stock

शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर ध्यान दें
 

बेटियों को उनकी रूचि के अनुरूप उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करें। हालांकि पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें लाइफ स्किल्स भी सिखाएं। उन्हें अपने फैसले लेने के लिए प्रोत्साहित करें।

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आत्मविश्वास बढ़ाएं - फोटो : Adobe stock

आत्मविश्वास बढ़ाएं


बेटी की छोटी-छोटी उपलब्धियों की तारीफ करें। उन्हें अपने विचार रखने का मौका दें। तुलना करने से बचें। आत्मविश्वासी बच्ची भविष्य में मजबूत इंसान बनती है।


किन बातों का रखें खास ध्यान?


ध्यान रखें कि बच्चे की परवरिश में डराना नहीं, समझाने की कला होनी चाहिए। उनका सोशल मीडिया और स्क्रीन टाइम सीमित करें। साथ ही बेटी के दोस्तों और माहौल पर नजर रखें।

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