Krishna Janmashtami 2023: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण को विष्णु जी का अवतार माना जाता है। धरती पर माता देवकी और वासुदेव के वंश में कन्हैया का जन्म हुआ। उनका जन्म पाप से मुक्ति दिलाने, भक्तों का उद्धार और दुष्टों का अंत करने, महाभारत के जरिए जीवन का पाठ पढ़ाने के उद्देश्य से हुआ था।
उनका पूरा जीवन ही मानव जाति के लिए एक सीख की तरह रहा। बचपन में अपनी शैतानियों और नटखट व्यवहार से वह खेल-खेल में लोगों को सही और गलत में फर्क सिखाया करते। एक किस्सा है कि कैसे नटखट कान्हा गांव की महिलाओं के वस्त्र चुरा लिया करते, जब वह यमुना जी में स्नान के लिए जाती थीं। उन्होंने ऐसा करके एक बड़ा संदेश दिया।
वहीं राधा रानी से कृष्ण प्रेम करते थे लेकिन विवाह नहीं किया, इस तरह उन्होंने धर्म और कर्म का पाठ पढ़ाया। महाभारत के समय अर्जुन के सारथी बन उन्होंने असत्य और पाप के खिलाफ अपनों के भी विरुद्ध खड़े हो जाने की सीख दी। श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े कई किस्से आपको जीवन को सरल बनाने का पाठ पढ़ाते हैं। कृष्ण के गुण सफलता का मार्ग दिखाते हैं। इस वर्ष 6-7 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। इस मौके पर भगवान कृष्ण के कुछ गुणों को अपनाकर जीवन में सफलता का मार्ग तलाश सकते हैं।