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हर पुरुष को भगवान श्री कृष्ण से जरूर सीखनी चाहिए ये पांच बातें, जीवन का खुशहाल होना तय

Thu, 30 Aug 2018 01:28 PM IST
मंजू ममगाईं
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janam
कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार करीब आ गया है और कृष्ण भक्तों ने इसकी तैयारियां करनी भी शुरू भी कर दी हैं। इस साल भक्त जन्माष्टमी को 3 सितंबर को मना रहे हैं। हालांकि लोगों में इस बात को लेकर थोड़ी उलझन जरूर है कि कृष्ण जन्माष्टमी 2 सितंबर को मनाई जाए या फिर 3 सितंबर को। श्री कृष्ण ने अपने जीवन में सभी रिश्तों को बड़ी ईमानदारी से निभाया है। आइए जानते हैं ऐसी पांच बातें जिसे जीवन को खुशहाल बनाने के लिए हर मर्द को भगवान श्री कृष्ण से जरूर सीखना चाहिए।  
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सच्चा प्यार
वृंदावन में राधा के साथ कई ऐसी गोपियां थीं जो श्री कृष्ण से बेहद प्यार करती थीं। भगवान कृष्ण उन सभी गोपियों का सम्मान करते थे लेकिन राधा के प्रति उनका प्यार उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। आज के प्रेमियों को श्री कृष्ण के प्यार और प्रेमिकाओं के प्रति सम्मान से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। 
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गुरू के प्रति आदर
भगवान विष्णु का अवतार होने के बावजूद कृष्ण भगवान के मन में अपने गुरुओं के लिए हमेशा बहुत सम्मान रहा। अवतार रूप में वह जिस भी संत से मिले उन्होंने उन्हें पूरा सम्मान दिया।

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माता-पिता
भले ही श्री कृष्ण देवकी और वासुदेव के पुत्र कहलाते हैं, लेकिन उनका पालन-पोषण यशोदा और नंद ने किया था। बावजूद इसके भगवान कृष्ण ने अपनी दोनों मांओं देवकी- यशोदा को अपने जीवन में बराबर का स्थान दिया।दोनों के प्रति अपने कर्तव्यों को बखूबी निभाया।अपने इस स्वभाव से कृष्ण ने दुनिया को सिखाया कि हमारे जीवन में मां-बाप का स्थान सबसे ऊंचा होना चाहिए। हर व्यक्ति को अपना जीवन अपने माता-पिता की सेवा में समर्पित कर देना चाहिए। 
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- फोटो : krishna
दोस्ती 
भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती के किस्से हर बच्चा बचपन से सुनता आया है।उनकी दोस्ती को देखकर हर व्यक्ति को अपने रिश्ते की कद्र करना और दोस्तों के लिए कुछ भी कर गुजरने का जजबा देखने को मिलता है। इसके अलावा भगवान कृष्ण ने अपने हर रिश्ते को ऊंच-नीच, अमीरी-गरीबी, छोटे-बड़े की पाबंदियों से हमेशा दूर रखा है। 
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मोह से ऊपर उठना
कुरुक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश देते हुए कृष्ण उन्हें यही समझाते हैं कि सामने जो लोग खड़े हैं वो आपके शत्रु हैं, दादा, चाचा और भाई नहीं हैं।उनके इस संदेश से यह शिक्षा मिलती है कि सत्य की राह पर चलते हुए हमें किसी का पक्ष नहीं लेना चाहिए। जो व्यक्ति गलत है उसे गलत और सही को सही ही कहना चाहिए।हर  मर्द अगर ये गुण सीख लें तो आए दिन घरों में सास-बहू के बीच होने वाले झगड़े अपने आप ही खत्म हो जाएंगे।  

 
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संघर्ष ही जीवन है
गोकुल में कन्हैया का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उनके मामा कंस ने उन्हें मारने के लिए लगातार कई षड्यंत्र किए।लेकिन कृष्ण कभी इन बाधाओं से विचलित नहीं हुए।ऐसे ही हर व्यक्ति को जीवन में आने वाली कठिनाईयों का सामना बिना हिम्मत हारे करते रहना चाहिए।फल की चिंता किए बिना अपने कर्तव्य करते रहना चाहिए। अंत में जीत आपकी ही होगी।
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