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यदि बच्चों की रोज की शरारतों से आपका स्वभाव हो रहा है चिढ़चिढ़ा तो इन बातों पर जरूर करें विचार

Sat, 23 Jan 2021 09:44 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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एकबार जरूर करें विचार - फोटो : Social Media

बच्चे एक उम्र में कई बार बहुत अधिक शरारती हो जाते हैं। शरारत का स्तर इतना बढ़ जाता है कि स्कूल ,पड़ौस, रिश्तेदार, सब उनकी शिकायतें लेकर आने लगते हैं। ऐसे में अक्सर माता-पिता परेशान हो जाते हैं और विशेषकर पहला बच्चा हो, तब तो यह समस्या बहुत ही आम है। ऐसे में उन्हें बच्चे को डांटने, उसपर चिढ़चिढ़ एवं गुस्सा करने के सिवाय कोई विकल्प शेष नहीं दिखता है लेकिन क्या यह विकल्प ही श्रेष्ठ विकल्प है। ऐसा करने से आप खुद के साथ ही कहीं बच्चे को भी तो नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं। अब से बच्चों पर चिढ़चिढ़ करने से पूर्व अगली स्लाइड्स में बताए गए बिंदुओं पर एकबार जरूर करें विचार।

 

 















 
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अपने स्वभाव को चिढ़चिढ़ा बना रहे हैं - फोटो : Pixabay

गुस्सा करना कोई समाधान नहीं
बच्चे शरारत नहीं करेंगे तो कौन करेगा। ये बात जरूर हो सकती है कि आपके घर के बच्चे अन्य बच्चों के मुकाबले थोड़ी अधिक शरारत करते हों। ऐस में उन पर गुस्सा करना कोई समाधान नहीं है। गुस्सा करके आप अपने स्वभाव को चिढ़चिढ़ा बना रहे हैं और उनपर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। इसलिए उन्हें प्यार से समझाएं, यकीन मानिए कैसे न कैसे तो वे थोड़ी शरारत करना कम कर देंगे। 

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आपका गुस्सा अपने आप शांत हो जाएगा - फोटो : Pixabay

अपना बचपन याद करें
जब भी बच्चों की शरारतें बढ़ जाए और आप अपना नियंत्रण खो दें तो अपने बचपन को जरूर याद करें कि आप बचपन में कैसे हुआ करते थे और आपके माता-पिता आपकी शरारतों को कैसे झेलते थे, तब आपका गुस्सा अपने आप शांत हो जाएगा क्योंकि तब शायद आप समझ जाएं कि जितनी शरारतें आप करते हैं, उनके आगे आपके बच्चे तो कुछ भी नहीं लगते हैं। 

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शरारतों का आनंद उठाएं - फोटो : pixabay

आनंद उठाएं
कोई भी व्यक्ति जीवनभर तो शरारतें नहीं ही करता है। यह बात तो आप भी जानते हैं कि समय के साथ किस प्रकार आपकी भी शरारतें पीछे रह गईं इसलिए बच्चों के इस पल का, शरारतों का आनंद उठाएं। यदि शरारत बढ़ा जाती है तब आप उन्हें किसी डर का सहारा लेकर डरा सकते हैं, समझा-बुझा सकते हैं लेकिन उनपर गुस्सा या चिढ़चिढ़ करना तो विकल्प नहीं ही हो सकता है। 

 

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अपने स्वभाव में जल्द से जल्द परिवर्तन ले लाएं - फोटो : file photo
दूसरों की बातों को न करें नजरअंदाज
यदि आपके घर- परिवार के सदस्य आपको कहते हैं कि आप बच्चों के प्रति थोड़ा अधिक सख्त हो रहे हैं या उनपर इतनी चिढ़चिढ़ न करें तो इस बात पर ध्यान दें क्योंकि बिल्कुल संभव है कि घर के बड़े-बुजुर्ग अर्थात अनुभवी आंखें, वो सब देख पा रही हो, जो आप महसूस नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए ऐसी स्थिति में अपने स्वभाव में जल्द से जल्द परिवर्तन ले लाएं। 
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