शादी एक ऐसा बंधन होता है, जिसमें बंधने के बाद लड़के और लड़की की जिंदगी पूरी तरह से बदल जाती है। ये बंधन जन्मों जन्मांतर का होता है। ऐसे में यदि शादी के रिश्ते में पार्टनर साथ देने वाला न हो, तो रिश्ता निभाना काफी मुश्किल हो जाता है। चाहे परिवार वालों की मर्जी से अरेंज मैरिज की जाए, या फिर खुद की मर्जी से लव मैरिज, दोनों के ही अपने-अपने फायदे और अपने-अपने अलग नुकसान हैं। शादी जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक है। इसलिए, जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय समझदारी से काम लेना जरूरी है। मुलाकातों की संख्या हर व्यक्ति और परिस्थिति पर निर्भर करती है, लेकिन सही निर्णय लेने के लिए कुछ खास बातों पर ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं।