प्रज्ञा पाण्डेय
दोस्ती एक भावनात्मक बंधन है। इसमें एक लगाव होता है, लेकिन सोशल मीडिया के दौर ने दोस्ती की परिभाषा को थोड़ा बदल दिया है। अब आपको दोस्तों से मिलने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं, बल्कि वे फोन या लैपटॉप के जरिये आपके घर में हो सकते हैं। आज के दौर में सोशल मीडिया पर दोस्ती बहुत आसान हो गई है, वहीं वास्तविक दोस्ती करना हमेशा से कठिन रहा है और आज भी है। लेकिन क्या सोशल मीडिया मित्र, वास्तविक जीवन मित्र के विकल्प हो सकते हैं?
असली दोस्ती, विश्वास और गहरे जुड़ाव पर आधारित होती है। सोशल मीडिया फ्रेंडशिप आमतौर पर लाइक और कमेंट पर टिकी होती है।