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खड़ूस वर्सेज फेवरेट पापा: यूं ही नहीं बन जाते कुछ पापा फेवरेट और कुछ खड़ूस

Sat, 17 Jun 2017 12:47 PM IST
amarujala.com- Presented by: मंजू ममगाईं
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relationship
पापा का प्यार और गुस्सा दोनों दिल को छूते हैं। हां, मगर कुछ पापा हमसे अपना प्यार जताते हैं तो कुछ नारियल की तरह एक सख्त खोल के भीतर अपने एहसास छिपाते हैं। एहसास छिपाने वाले पापा बच्चों की नजरों में अक्सर खड़ूस बन जाते हैं और एहसास जताने वाले पापा बच्चों के फेवरेट पापा बन जाते हैं।

आगे की स्लाइड्स में क्लिक करके जानें क्या फर्क है खड़ूस वर्सेज फेवरेट पापा में । 
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relationship
ये फोन पर किससे बात कर रहे थे। देख रहा हूं तुम दिनभर वाट्सअप पर लगे रहते हो। बेहद सख्त आवाज में पापा चेतावनी देते हैं तो दूसरी तरफ क्या बात है दिनभर फोन में....हूं हूं। कुछ चल रहा है क्या? कोई गर्लफ्रेंड का चक्कर तो नहीं। 
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relationship
देखो अब नौकरी-वौकरी अपने घर में जाकर करना। मैंने तुम्हारे लिये एक लड़का देखा है। अब जो करना है शादी के बाद करना। दूसरी तरफ बेटा शादी के बाद हमें नहीं पता कि कैसा ससुराल होगा तुम्हारा। इसलिये जो करना है, वो अभी से करो। मैं चाहता हूं कि तुम अपने पैरों पर खड़ी हो जाओ।

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रुबीना दिलाइक
ये क्या कटी-फटी जीन्स पहन रखी है। और बाल तो देखो। अपना हुलिया ठीक करो। दूसरी तरफ क्या बात है, डूड जस्टिन बीवर स्टाइल हेयर कट। ये कूल जींस। चक्कर क्या है...हूं हूं। 
 
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हनी
तुम्हारी पॉकेट मनी मैं दे चुका हूं। जो करना है, उसी में करो। हमने कभी अपने पिता से जुबान नहीं लड़ाई। और तुम...। दूसरी तरफ यार तुम्हारी उम्र में तो पॉकेट मनी मिली नहीं कि हम पिक्चर हॉल पहुंच जाते थे। क्या बात है...इस बार 15 दिन बीत गये और तुमने और पैसे नहीं मांगे। सुनो मैं तुम्हारा पापा कम दोस्त ज्यादा हूं...मुझसे कभी कुछ मत छिपाना।
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