फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन बेटियों के लिए 'सुपरमैन' हैं पापा, जानिए उन्हीं की जुबानी

Thu, 15 Jun 2017 01:35 PM IST
amarujala.com- Presented by: मंजू ममगाईं
विज्ञापन
1 of 5
पापा की परी होती हैं बेटियां
‘बेटी का पहला और सच्चा प्यार उसके पापा होते हैं।’ लेखिका मैरिसॉल सेंटिगो की यह बात ज्यादातर बेटियों पर फिट बैठती है। बेटी के लिये उसके पापा सुपरमैन होते हैं जो उसकी हर परेशानी पलक झपकते ही दूर करने की हिम्मत रखते हैं। जबकि पापा के लिये उनकी बेटियां किसी परी या राजकुमारी से कम नहीं होती हैं।

आइए लड़कियों की ऐसी ही कुछ फीलिंग्स के जरिए जानते हैं आखिर क्यों उनके लिए सुपरडैड होते है उसके पापा।   
विज्ञापन

2 of 5
पापा की परी होती हैं बेटियां
रामपुर की मीरा कहती हैं कि पहली बार मेरे आत्मविश्वास को पापा ने कुछ यूं बढ़ाया था, जब उन्होंने पहली बार मेरे हाथ की बनी कच्ची पक्की पहली रोटी को चटकारे ले-लेकर खाया था।’
विज्ञापन

3 of 5
पापा की परी होती हैं बेटियां
वहीं दिल्ली की सुरभि का कहना है कि जब पहली बार मेरा प्रेम पत्र मां के हाथ लगा था। आग बबूला हुई मां को पापा ने ये कहकर शांत कराया था, मैं जानता हूं मेरी बेटी मेरा विश्वास कभी नहीं तोड़ेगी। फिर मेरी तरफ मुंह करके भरोसा दिलाया था, अगर कोई है जो तुम्हें पसंद है तो तुम मुझे बता सकती हो।’ 

4 of 5
पापा की परी होती हैं बेटियां
गाजियाबाद की रहने वाली सपना कहती हैं कि मां के लाख मना करने पर हजार तर्क देकर मेरे लिये पापा जब आपने स्कूटी लाकर कहा था, अब मेरी परी चलेगी नहीं अपने परों से उडेगी। मैं जानती हूं, पापा उस वक्त आपने अपने कई खर्चे रोककर मेरी यह मांग पूरी की थी।’
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
पापा की परी होती हैं बेटियां
कानपुर की सोनम बताती हैं कि विदाई के वक्त पापा आपने डबडबाई आंखों से और आत्मविश्वास भरी आवाज से मुझसे कहा था, बेटा ये घर तुम्हारा था और हमेशा तुम्हारा ही रहेगा।’ 

वाकई बेटियां पापा के सबसे करीब होती हैं क्योंकि पापा के हौंसलों के पर लगाकर बेटियां उड़ान भरती हैं। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें