गीत
वैसे तो इस्लाम में लोगों को नाचने-गाने की इजाजत नहीं होती है, लेकिन पैगबंर साहब से जुड़े गीत आप गा सकते हैं। माना जाता है कि गीत व्यक्ति का अच्छा समय लेकर आते हैं। खासकर तब जब वो अल्लाह की प्रशंसा में गाए जाते हैं। ये गीत आपके और ईश्वर के बीच बने रिश्ते को मजबूत बनाने में आपकी मदद करते हैं।