फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इन संकेतों से करें प्यार और फिक्र में अंतर, भावनाओं में बहने से बच जाएंगे

Fri, 26 Feb 2021 01:17 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
अक्सर युवा गलतफहमी का शिकार हो जाते हैं - फोटो : Social Media

प्यार और फिक्र को लेकर आजकल कई सारे युवा संशय में रहते हैं। अक्सर युवा गलतफहमी का शिकार हो जाते हैं और जो फिक्र होती है, उसे प्यार समझ बैठते हैं और जो वास्तविक प्रेम होता है, उसे फिक्र मात्र समझकर त्याग देते हैं। ऐसा करने से रिश्तों पर तो प्रभाव पड़ता ही है, साथ ही खुद की भावनाएं भी आहत होती हैं जो कि कहीं न कहीं मानसिक स्वास्थ्य की दृष्टि से बिल्कुल भी ठीक नहीं है इसलिए चंद बातों को ध्यान में रखने से आप इस दुविधा से बच सकते हैं। अगली स्लाइड्स में बताए गए संकेतों पर गौर फरमाकर आप आसानी से प्यार और फिक्र में अंतर कर सकते हैं।  

विज्ञापन

2 of 5
बॉडी लैंग्वेज पर जरूर ध्यान दें - फोटो : Social media

बॉडी लैंग्वेज पर दें ध्यान
आजकल आई लव यू कहना बहुत सामान्य बात है। दोस्त और प्रेमी दोनों ही प्यार जताने के लिए इन तीन शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। यदि आप इस अंतर को लेकर संशय में हैं तो सामने वाले की बॉडी लैंग्वेज पर जरूर ध्यान दें। उसके हाव-भाव को समझने का प्रयास करें। यदि कोई आपसे प्रेम करता है तो जब वह आई लव यू कहेगा तब उसकी आंखों को पढ़ सकेंगे जो प्रेम नहीं करता वह बहुत सामान्य तरीके से यह कह जाएगा। 

विज्ञापन

3 of 5
अपने मन से स्वयं बात करें - फोटो : social media

अपने मन की सुनें
जब किसी व्यक्ति को लेकर आप को बार-बार संशय होता है कि उसे आपसे प्रेम है या सिर्फ एक जुड़ाव का भाव है तो अपने मन की सुनें। इस समय आप अपनी आंखों और कानों पर विश्वास करके कोई भी कदम नहीं उठा सकते हैं। जरूरी नहीं कि आपको जो दिख रहा है, सच वैसा ही हो और आगे चलकर आपकी भावनाओं को ठेस पहुंचे इसलिए अपने मन से स्वयं बात करें और उसकी बात को सुनकर ही किसी नतीजे पर पहुंचे। 

4 of 5
जरूर ध्यान दें कि आप दोनों की बीच भावात्मक जुड़ाव कितना है - फोटो : सोशल मीडिया

भावात्मक संबंध पर गौर फरमायें
कोई यदि बार-बार आपके प्रति प्यार जताने वाली बातें करता है तो उन सभी बातों पर विश्वास करने की बजाय इस बात पर जरूर ध्यान दें कि आप दोनों की बीच भावात्मक जुड़ाव कितना है। क्या आप दोनों ही समान स्तर पर अपनी भावनाओं को एक-दूजे से बांटना पसंद करते हैं। यदि ये सिर्फ एकतरफा है संभावना है कि यह वो प्रेम नहीं जो आप समझ रहे हैं, ये महज फिक्र भी हो सकती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
एक प्रकार का उतार-चढ़ाव देख सकेंगे - फोटो : social media

रवैये पर जरूर ध्यान दें
जो महज आपकी फिक्र कर रहा है वो शुरुआत से एक ही रवैया रखेगा लेकिन जिसे आपसे प्रेम है उसके रवैये में आप एक प्रकार का उतार-चढ़ाव देख सकेंगे। यह फिक्र समय के साथ बढ़ेगी तो सही ही साथ ही गहरी भी होती जाएगी। यदि कोई समस्या है तो फिक्र के साथ उस पर समाधान निकलने लगेंगे। आपको खुद-ब-खुद यह आभास होने लगेगा कि उस क्षण आप सामने वाले की प्राथमिकता हो और वह भी समान स्तर पर चिंतित है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें