एक दूसरे को समझें
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पुराना कच्चा चिटठा
यह सहज इंसानी स्वभाव है कि इंसान ज्यादा समय वर्तमान पर फोकस करने की बजाय भूतकाल में जीता है। अगर अकेले यही एक समस्या खत्म हो जाए तो दुनियाभर में डिप्रेशन, एंग्जायटी, तनाव के केसेस आधे हो सकते हैं। ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो लोगों द्वारा किये गए बुरे को पूरी तरह भुला पाते हैं। रिश्ते में यह बात और भी गंभीर रूप ले लेती है। उदाहरण के लिए आपके पार्टनर ने साल भर पहले गलती से आपके बनाये एक सरप्राइज प्लान को चौपट कर दिया था। उसने बाद में माफी भी मांग ली और आपने माफ़ भी कर दिया, लेकिन इसके बावजूद आप जब भी मौका मिले उसकी उस गलती को जताना भूलते नहीं- कि इन्होने तो ऐसा कर दिया था। अब एक-आध बार सामने वाला इस बात से झेंप जाएगा, मजाक में लेगा, फिर से सॉरी भी बोल देगा लेकिन अगर आप उस बीती हुई छोटी सी बात को बार बार दोहराएंगे और उसे किसी व्यक्ति की पर्स्नालिटी से जुडी गलती बताने लगेंगे तो किसी का भी दुखी होना स्वाभाविक है। वह गलती इतनी बड़ी बन जाएगी कि सामने वाले की हर अच्छाई उसके आगे छुप जाएगी और रिश्तों में कड़वाहट आने लगेगी।