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Health Tips: घर के कामकाज को महिलाएं न समझें व्यायाम, कसरत का विकल्प बन सकता है ये कार्य

Tue, 17 Oct 2023 03:23 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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घर का कामकाज और व्यायाम - फोटो : istock
Household Chores Can Improve Health: रोजाना घरेलू कामकाज करते हुए पसीने से तर-ब-तर हो जाती हैं और थकान भी अधिक होती है? क्या आप भी अन्य महिलाओं की तरह ही फिट रहने के लिए थका देने वाले घरेलू कामकाज को पर्याप्त व्यायाम का विकल्प मानती हैं?

“पता नहीं मीता, क्यों मुझे अक्सर थकान रहती है? जबकि सुबह जल्दी उठती हूं, फटाफट सबका नाश्ता, दिन का लंच तैयार करके अपने ऑफिस आ जाती हूं। यही नहीं, ऑफिस से वापस पहुंचकर भी सीधा घर के कामों में लग जाती हूं। स्वीटी ने ऑफिस में सहकर्मी मीता से अपनी परेशानी साझा की। इस पर मीता ने मुस्कुराते हुए कहा, पहले यह बताओ, तुम सुबह उठते ही अपने लिए कितना समय निकालती हो?

स्वीटी चौकी और उसने हैरानी के साथ मीता को देखा। तब मीता ने समझाया, “इसमें कोई संदेह नहीं कि महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज्यादा कामकाज करती हैं। लेकिन अगर वे एक-दो काम ज्यादा करें या तेजी से करें तो इससे उनका रोजाना का व्यायाम स्तर पूरा नहीं होता। इसलिए पहले खुद के लिए समय निकालो और फिर बाकी कार्य करो तो तुम ज्यादा एनर्जी लेवल के साथ काम पूरा कर पाओगी। घर के काम पूरी तरह से व्यायाम का विकल्प नहीं हैं।”
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घर का कामकाज और व्यायाम - फोटो : Istock
पुराने समय से आज की तुलना

महिलाएं बहु-प्रतिभाशाली होती हैं। आज के समय में तो महिलाएं घर और बाहर, दोनों काम देख रही हैं। अधिकांश महिलाओं का मानना है कि घरेलू काम ही पर्याप्त व्यायाम हैं और उन्हें खुद को फिट रखने के लिए किसी अन्य गतिविधि की जरूरत नहीं है। यही नहीं, अपनी बात को साबित करने के लिए वे पुराने जमाने की उपाधि भी कुछ इस तरह देती हैं, “क्या उस समय कोई जिम या व्यायाम उपकरण होते थे? तब भी तो सब स्वस्थ और फिट रहती थीं।” माना, उस समय महिलाओं को घर पर ही चक्की की सहायता से आटा पीसना पड़ता था, पूरे फर्श को मिट्टी, गोबर और पानी से लीपना पड़ता था। वे कसरत का अच्छे विकल्प थे, लेकिन आज के घरेलू काम नहीं। यह पूरी तरह सच है।

गृह कार्य भी शारीरिक मेहनत

यह बात साफ है कि गृह कार्य में शारीरिक मेहनत शामिल है। यह व्यायाम की श्रेणी में आता है या नहीं, यह बात उस कार्य की तीव्रता पर निर्भर करती है। इसे निर्धारित करने में एक महत्वपूर्ण कारक आपके द्वारा किए गए प्रयास की मात्रा है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक घंटे की गहन सफाई 20 मिनट के कम प्रभाव वाले व्यायाम के बराबर हो सकती है। स्क्रबिंग, वैक्यूमिंग और लिफ्टिंग आदि शारीरिक ऊर्जा की मांग करती हैं, जो आप बॉडीवेट व्यायाम में खर्च करती हैं।
 
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घर का कामकाज और व्यायाम - फोटो : pixabay
आंकड़े बोलते हैं

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ द्वारा महिलाओं पर एक अध्ययन किया गया। इसके अनुसार, 36 प्रतिशत महिलाएं घर के कामकाज को ही वर्कआउट मानती हैं। इस अध्ययन से सामने आया कि जो महिलाएं घर के काम को अपना वर्कआउट मानती थीं, उनका वजन उन महिलाओं से ज्यादा था, जो किसी अन्य प्रकार की एक्सरसाइज भी करती थीं।

जानें पूरी हकीकत

“सवाल यह है कि ऐसा क्यों? मैं भी सारे काम करती हूं। मैं दिन में सोती भी नहीं। मेरा भी घर के काम से शरीर उतना ही थकता है और मेरी फिजिकल एक्टिविटी उतनी ही होती है।” शिखा ने हेल्थ एक्सपर्ट से पूछा तो उन्होंने जवाब दिया, “इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।” इनको जानना आपके लिए भी जरूरी है।”

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घर का कामकाज और व्यायाम - फोटो : Istock
एक्टिविटी लेवल की तीव्रता

माही की आदत में है, बहुत तेज गति से घर की सीढ़ियां उतरना और चढ़ना। सारे दिन में तीन-चार बार सीढ़ियां चढ़ने-उतरने से ही माही इतना थक जाती है कि फिर छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ा लगती है या अपने काम की दुहाई देती है। असल में, जब महिलाएं पूरे दिन काम में लगी रहती हैं, जैसे कि घर की साफ-सफाई और बाकी काम आदि तो उनके दिल की धड़कन बढ़ जाती है और तब एक्टिविटी लेवल ज्यादा तेज या गहन लगने लगता है। इससे महिलाओं को महसूस होता है कि यह काम वर्कआउट जैसा ही है, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं होता।

कम कैलोरी बर्न होना

महिलाएं जब घर के काम ज्यादा करती हैं तो उनको लगता है कि वे तो ज्यादा कैलोरी बर्न कर रही हैं, जबकि ऐसा नहीं होता। नेहा रोजाना सुबह घर की साफ-सफाई में दो घंटे लगाती है। बावजूद इसके वह मनचाहा वजन कम नहीं कर पा रही। ऐसा नहीं है कि घर के कामों से शारीरिक गतिविधियां नहीं होती और शरीर की चर्बी कम नहीं होती। घर के कामों से भी कैलोरी बर्न होती है, लेकिन इतनी ज्यादा नहीं, जितनी आप साधारण वर्कआउट करके कम कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, आधे घंटे तक वैक्यूम करने से 130 कैलोरी कम होती है, जबकि आधा घंटे तक साइकिल चलाने से आप 400 कैलोरी तक कम कर सकती हैं।
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घर का कामकाज और व्यायाम - फोटो : istock
कुछ न कुछ खाने की आदत

महिलाओं में अक्सर एक आदत देखी जाती है कि वे किचन में काम के दौरान कुछ न कुछ खाती रहती हैं। हो सकता है, आप ऐसा न करती हों। लेकिन आमतौर पर घर के काम करने के दौरान बीच-बीच में कुछ न कुछ खाते-पीते रहना या हल्की सी थकान महसूस होने पर कुछ समय के लिए कमरे में जाकर लेट जाना हेल्दी लाइफस्टाइल की गिनती में नहीं आते। अगर मनचाहा परिणाम चाहती हैं तो वह व्यायाम करने से ही मिल सकता है, क्योंकि जितनी कैलोरी आप काम करने के दौरान बर्न करती हैं, उतनी ही आप स्नैक्स खाने से ग्रहण भी कर लेती हैं।

अन्य गतिविधियां भी जरूरी

“मम्मी आपने देखा है, स्नेहा की मम्मी कितनी फिट हैं! आप भी जिम जाया करो न।” समृद्धि ने मां से कहा तो वह मुंह बनाते हुए बोलीं, “जिम! मेरा तो सारे दिन यह घर ही जिम है। एक पैर पर नाचती रहती  हूं पूरे दिन। इससे ज्यादा और भला क्या व्यायाम होगा!” समृद्धि हंसकर बोली, “ओ  मेरी मदर इंडिया, घर के काम करना अच्छी बात है, लेकिन इसके साथ ही आपको रोजाना कुछ समय किसी अन्य गतिविधि में भी शामिल होना चाहिए, जिससे आपको दोनों तरह के व्यायाम का फायदा मिल सके और आप स्वस्थ रहें।”
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घर का कामकाज और व्यायाम - फोटो : istock
अंतर भी जान लें

घरेलू काम और व्यायाम, दोनों में कार्य की जरूरत होती है, लेकिन इन दोनों का प्रकार भिन्न होता है। व्यायाम शारीरिक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है, जबकि घरेलू काम का मुख्य उद्देश्य घर की सफाई और व्यवस्था बनाए रखना है। व्यायाम घरेलू काम की तुलना में अधिक कैलोरी जलाता है। व्यायाम के दौरान हृदय दर के साथ-साथ शरीर के विभिन्न हिस्सों की मांसपेशियों को आवश्यक रूप से काम करना पड़ता है, जिससे अधिक कैलोरी जलती है। घरेलू काम करते समय आप आराम की स्थिति में रह सकती हैं, जबकि व्यायाम करते समय आपको सुस्ती को त्यागना पड़ता है।

एक्सरसाइज का विकल्प नहीं

फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अमित अग्रवाल कहते हैं, झाड़ू-पोंछा, बर्तन धोना और बागवानी जैसे काम केवल शारीरिक सक्रियता का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन यह पूरी तरह उसका स्थान नहीं ले सकते। व्यायाम का महत्व इसलिए भी अधिक है, क्योंकि नियमित व्यायाम से दिल के स्वास्थ्य में सुधार होता है, शारीरिक क्षमता बढ़ती है और मानसिक स्वास्थ्य सुधरता है। वॉकिंग, गार्डनिंग या घर के कामों को व्यायाम के साथ मिलाकर किया जा सकता है, जिससे शारीरिक सक्रियता में वृद्धि हो। इसलिए घरेलू काम को व्यायाम का अच्छा उपाय मानने के बजाय नियमित व्यायाम करना उचित है। घरेलू काम जरूरी हैं, मगर वे व्यायाम का विकल्प नहीं हो सकते। इसलिए महिलाएं नियमित व्यायाम को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का प्रयास करें, ताकि वे स्वस्थ और सुखमय जीवन जी सकें।
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घर का कामकाज और व्यायाम - फोटो : Istock
कसरत का रूप दें

योग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता शर्मा कहती हैं, घर के कामकाज को व्यायाम का विकल्प तभी मानें, जब उन कार्यों को करते समय कसरत का एक रूप दिया जाए। उदाहरण के लिए, जब महिला घर में पोछा लगाती है तो एक विशेष पोजीशन में बैठने से योग की भाषा में उदर आकर्षण आसन, जिसमें पैर के पंजे, एड़ी और घुटनों की पोजीशन इस प्रकार से होती है कि एक घुटना और दूसरे पैर का तलवा और पंजा आगे-पीछे रहते हैं। इस आसन से कंधे और हाथों की कसरत होती है तथा लीवर और पेट स्वस्थ होते हैं। वजन भी कंट्रोल होता है। सब्जी काटते समय पैरों को फैलाकर बैठने और उनके बीच कुछ गैप रखने से जांघों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। यदि महिला कपड़ों को हाथ से निचोड़ती है तो यह क्रिया, वेट ट्रेनिंग का काम करती है और हाथों की मसल्स को टोन अप करती है। आटा गूंथते समय भी हाथों के जोड़ों की एक्सरसाइज होती है, लेकिन अगर आटा जमीन पर बैठकर मला जाए तो घुटने की मांसपेशियां भी मजबूत होती हैं।
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