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भारत में 1 करोड़ से भी अधिक बच्चे मोटापा के शिकार, जानिए इसके पीछे की वजह

Sun, 22 Nov 2020 08:38 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मोटापा हमें किसी भी उम्र में अपनी चपेट में ले सकता है, लेकिन यह हमारे सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है। वैसे मोटापा के लिए कहीं न कहीं हम खुद ही जिम्मेदार होते हैं। कोरोना वायरस महामारी के वजह से वजन बढ़ने की समस्या से हर देश जूझ रहा है। यहां तक कि अब तो छोटे बच्चे भी मोटापे का शिकार हो रहे हैं। हालांकि, यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबिया के वैज्ञानिकों ने बच्चों में मोटापे का खतरा बढ़ाने वाले जीन का पता लगा लिया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, यूनिवर्सिटी ऑफ कोलंबिया के वैज्ञानिकों ने 5 से 10 साल के 122 बच्चों पर रिसर्च किया। इस रिसर्च में पता चला कि एफटीओ जीन बच्चों के खान-पान को काफी प्रभावित करता है। इस जीन के कारण बच्चे अधिक कैलोरी ग्रहण करने लगते हैं। ऐसे में आगे चलकर उनके वजन बढ़ने की संभावना अधिक हो जाती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
क्या है मोटापा?
मोटापा एक ऐसी स्थिति है, जिसमें एक बच्चा अपनी उम्र और समान ऊंचाई के सामान्य बच्चों की तुलना में ज्यादा भारी होता है। भारत में करीब 1.44 करोड़ बच्चे अधिक वजन वाले हैं। इस मामले में भारत का दूसरा नंबर है। मोटापा कई स्वास्थ्य समस्याओं का प्रमुख कारण है और दुनियाभर में लगभग दो अरब बच्चे और व्यस्क इस समस्या से ग्रसित हैं।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बच्चों में मोटापा बढ़ने के प्रमुख कारण
  • शारीरिक सक्रियता में कमी
  • फास्टफूड का अधिक इस्तेमाल
  • घर में रहने के दौरान अधिक खानपान
  • मोबाइल-टीवी पर अधिक समय देना
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
मोटापा के वजह से इन समस्याओं का करना पड़ता है सामना
  • बचपन में मोटापे का शिकार होने पर बच्चों का कद बढ़ना रुक जाता है।
  • चलने-फिरने की समस्या देखने को मिलती है। इसके अलावा शरीर में दर्द भी होता है।
  • बच्चों के शरीर में कई अंगो का सही से विकास नहीं हो पाता है।
  • मोटे बच्चों को सांस लेने में भी दिक्कत होती है। बच्चे थोड़ा सा ही काम करने पर थक जाते हैं।
  • बच्चों के शरीर में कई अंगो का सही से विकास नहीं हो पाता है।
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