किचन स्क्रबर में पनप सकते हैं कई कीटाणु
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किचन का स्क्रबर या बर्तन मांजने का साधन
शायद आप यह सोचते हों कि किचन में काम आने वाला स्क्रबर तो नियमित साबुन के सम्पर्क में आता है, फिर ये गंदा कैसे हो सकता है। लेकिन असल में चाहे ये स्क्रबर तार का हो, फाइबर का या अन्य किसी मटेरियल का, इसमें लगातार लगने वाले खाने के कण फंसे होते हैं जो नमी भरे वातावरण में कीटाणुओं, जर्म्स और गंदगी के साथ मिलकर भयावह रूप से ले सकते हैं। उसपर यदि किसी संक्रमित व्यक्ति के झूठे बर्तन भी आपने एक ही स्क्रबर या स्पंज से साफ़ किये हैं तो संक्रमण के फैलने का खतरा और भी बढ़ सकता है। बारिश में यह खतरा और बढ़ जाता है।एक शोध के अनुसार रसोई में रखे हुए स्पंज या स्क्रबर में किसी भी टॉयलेट से अधिक बैक्टीरिया व हानिकारण तत्व हो सकते हैं।
उपाय-
- स्क्रबर या स्पंज को हर महीने बदलें। यदि प्लस्टिक या तार का बना स्क्रबर है तो 3-4 महीने उसे चलाया जा सकता है या फिर जब तक वह बिखर या टूट-फट न जाए।
- हर हफ्ते स्क्रबर को भी गर्म पानी और साबुन से अच्छे से धोएं।
- जितनी बार बर्तन साफ़ करें, स्क्रबर को हमेशा साफ़ पानी से पूरी तरह धोकर ही वापस रखें। इसे किसी बर्तन में, साबुन के पानी के साथ ऐसे ही न छोड़ें, बल्कि सुखा कर रखें।
- यदि स्क्रबर में से बदबू आ रही है तो उसे तुरंत बदल दें।