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Jyotiba Phule Jayanti 2023: महिला अधिकारों के लिए उठाई आवाज, जयंती पर पढ़ें ज्योतिबा फुले के प्रेरणादायी विचार

Tue, 11 Apr 2023 12:49 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Jyotiba Phule - फोटो : twitter
Mahatma Jyotiba Phule Jayanti 2023 Anmol Vachan: महिलाओं को स्वतंत्रता से जीने के लिए रूढ़िवादी विचारों वाले समाज में सुधार लाने के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले का विशेष योगदान रहा है। ज्योतिबा फुले का पूरा नाम ज्योतिराव गोविंदराव फुले है। आज ज्योतिबा फुले की जयंती है। 11 अप्रैल 1827 में पुणे के गोविंदराव और चिमनाबाई के घर में ज्योतिराव का जन्म हुआ था। उनका परिवार पेशवाओं के लिए फूल वाले का काम करते थे। मराठी में उन्हें फुले कहा जाता था। उस दौर में महिला विरोधी कुरीतियां फैली हुईं थीं। बाल विवाह, महिलाओं और विधवाओं का शोषण आम बात थी। लेकिन ज्योतिराव फुले ने महिला विरोधी कुरीतियों और शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। 19वीं सदी के महान समाज सुधारकों में ज्योतिबा फुले का नाम शामिल हैं, जिन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में अभूतपूर्व योगदान दिया। जीवन भर उन्होंने महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने, बाल विवाह के खिलाफ और विधवा विवाह के समर्थन में कार्य किया और महिलाओं के लिए स्कूल भी खोला। महान समाजसुधारक, क्रांतिकारी महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उनके अनमोल विचार पढ़ें और जीवन में आत्मसात करें।
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ज्योतिबा फुले जयंती - फोटो : Self
अच्छा काम करने के लिए गलत उपायों का सहारा नहीं लेना चाहिए।

ज्योतिबा फुले
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ज्योतिबा फुले जयंती - फोटो : Self
शिक्षा स्त्री और पुरुष की प्राथमिक आवश्यकता है।

ज्योतिबा फुले

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ज्योतिबा फुले जयंती - फोटो : self
शिक्षा के बिना समझदारी खो गई,
समझदारी के बिना नैतिकता खो गई,
नैतिकता के बिना विकास खो गया,
धन के बिना शूद्र बर्बाद हो गया।
शिक्षा महत्वपूर्ण है।

ज्योतिबा फुले
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ज्योतिबा फुले जयंती - फोटो : Self
अगर कोई किसी प्रकार का सहयोग करता है, तो उससे मुंह मत मोड़िए।

ज्योतिबा फुले
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ज्योतिबा फुले जयंती - फोटो : Self
स्त्री और पुरुष जन्म से ही स्वतंत्र हैं। इसलिए दोनों को सभी अधिकार समान रूप से भोगने का अवसर प्रदान होना चाहिए।

ज्योतिबा फुले
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