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Karwa Chauth 2022: पति-पत्नी के रिश्ते की डोर होगी मजबूत, करवा चौथ पर करें एक दूसरे से ये वादे

Thu, 13 Oct 2022 10:44 AM IST
स्वाति शैवाल लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रिश्ते को बनाये रखिये अटूट - फोटो : istock
विवाह में रिश्ते का स्थाई होना इस बात पर भी निर्भर करता है कि दो लोग एक-दूसरे के लिए कितने समर्पित हैं। भारतीय समाज में परम्परागत रूप से इस समर्पण को भी करवाचौथ के त्यौहार के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। यह केवल आज का ही दौर नहीं है, वर्षों से कई दम्पत्ति ऐसे हैं जहाँ पति-पत्नी दोनों एक दूसरे के लिए करवाचौथ का व्रत रखते हैं या फिर पति इस ख़ास दिन अपनी पत्नियों का ख़ास ख्याल रखते हैं। यह एक-दूसरे के प्रति प्रेम और समर्पण को ही दर्शाता है। करवाचौथ का असली उद्देश्य दाम्पत्य जीवन को मजबूती से जोड़े रखने का होता है।  

करवाचौथ का भाव मन के रिश्ते से जुड़ा होता है। जहाँ एक-दूसरे के प्रति सम्मान और प्रेम का भाव होता है, वहां करवाचौथ सार्थक हो जाता है। इस व्रत की पूर्णता ही इस भाव में है। आपसी प्रेम, समझ और भरोसा दाम्पत्य जीवन की नींव हैं और इस नींव को दृढ़ बनाता है, करवाचौथ।  इस करवाचौथ पति-पत्नी किसी के भी रूप में आप दे सकते हैं अपने हमसफ़र को 4 प्रॉमिस या वचनों का उपहार, जो आपके रिश्ते को बनाएगा और भी खूबसूरत और सदाबहार। जानिए क्या हैं ये 4 प्रॉमिस। 
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प्रेमपूर्ण मजबूत रिश्ता - फोटो : फाइल फोटो
जीवनभर का सम्मान  

पति-पत्नी का रिश्ता जितना सहज होता है, जरा सी गलती से उतना ही जटिल भी बन सकता है।  इसलिए इस रिश्ते की नींव का मजबूत होना बहुत जरूरी है और यह नींव मजबूत होती है एक-दूसरे को जानने, समझने और एक-दूसरे पर विश्वास करने से। करवाचौथ जैसे त्यौहार या व्रत भले ही महिलाओं के लिए बनाये गए हों लेकिन इनके जरिये एक बहुत ख़ास बात समझाई गई है। वह यह कि महिलाएं घर की जीवन रेखा होती हैं। वे जितना सबके लिए सोचती और करती हैं उतना ही और वैसा ही सम्मान उन्हें मिलना चाहिये। चाहे पत्नी व्रत रखे या न रखे लेकिन उनका अपने परिवार के प्रति जो समर्पण है, उसका सम्मान हमेशा बना रहना चाहिए। इसी तरह महिलाओं के लिए भी करवाचौथ का व्रत केवल एक दिन का त्यौहार या सजने-संवरने का मौका भर नहीं होना चाहिए। उनके मन में भी अपने परिवार के लिए समर्पण,अपने पति के प्रति सहज सम्मान का भाव होना चाहिए। एक-दूसरे के प्रति यह भाव, यह सम्मान ही करवाचौथ का असली रूप है।  
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मतभेद बढ़ सकते हैं अगर रहा अविश्वास - फोटो : istock
ये चार प्रॉमिस कीजिये

एक-दूसरे के प्रति सम्मान और एक-दूसरे में विश्वास को बनाये रखने के लिए इस करवाचौथ इन चार प्रॉमिस को जरूर याद रखिये। 

 
1. दूसरों को नहीं देंगे दरार डालने का मौका 

ये एक आम स्थिति है लेकिन यही रिश्तों को बिगाड़ने का काम भी कर सकती है।  चाहे आपके मित्र हों, रिश्तेदार या परिवार के अन्य सदस्य भी, किसी को भी यह मौका न दें कि वह आपके रिश्ते में कड़वाहट या दरार लाने का काम कर सके। कई बार कुछ बहुत अपने लोग भी आपके प्रति स्नेह के चलते ऐसी स्थिति पैदा कर सकते हैं। उदाहरण के लिए आप दोनों के बीच हुई किसी छोटी सी बहस को लेकर मुद्दा बनाना और आपके बीच मिस कम्युनिकेशन की स्थिति बना डालना। इस समय सबसे जरूरी है एक-दूसरे पर विश्वास। सामने वाले को बहुत विनम्रता से यह समझा दें कि आप उनके प्रेम को समझते हैं लेकिन आपसी मतभेद आप एक-दूसरे से बात करके सुलझा सकते हैं। इसके लिए आप दोनों को ही सबसे पहले एक-दूसरे को प्रॉमिस करना होगा कि आप किसी भी स्थिति में किसी बाहर वाले पर विश्वास करने की बजाय पहले एक-दूसरे से बात करेंगे। 

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तुम्हारी, मेरी साझी जिम्मेदारी
2. बराबरी से उठाएंगे हर जिम्मेदारी 

यहां बात केवल घर के कामों या जिम्मेदारियों से जुड़ी हुई नहीं है। बाहर के काम, सामाजिक जिम्मेदारियां, पारिवारिक जिम्मेदारियां, सभी को किसी एक के कंधे पर डाल देना गलत है। चाहे फिर वह गाड़ी को सर्विसिंग पर डालना हो, बच्चों की पीटीएम अटैंड करना हो या फिर कहीं घूमने जाने के लिए रिजर्वेशन करवाने की बात ही क्यों न हो। जिम्मेदारियां बराबर बंटी होंगी तो किसी एक पर बोझ भी नहीं पड़ेगा और काम भी सहजता से होंगे। अक्सर ऐसी ही जिम्मेदारियों को लेकर दम्पत्तियों के बीच तनातनी शुरू होती है जो आगे जाकर कड़वाहटों और टकरावों में बदल जाती है। ऐसी कड़वाहटें रिश्तों के बिखरने की वजह भी बन सकती है। इसलिए ये प्रॉमिस आपको बराबरी से जिम्मेदारियां उठाने के लिए भी प्रेरित करेगा और इसकी वजह से आप अपने परिवार के और करीब भी आ सकेंगे। 
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खुशनुमा पलों का साथ - फोटो : istock
3. क्वालिटी टाइम बिताएंगे साथ  

मुश्किल घड़ियों में सबसे ज्यादा जो चीज हौसला बढ़ाती है, वह है परिवार का साथ और संबल। दफ्तर और घर की जिम्मेदारियों और भागदौड़ से परे अपनों के साथ बिताये जाने वाले पल हमेशा सुकून और सकारात्मकता को बढ़ाते हैं। चाहे वह शाम की चाय की चुस्कियां हों, छुट्टी के दिन यूँ ही पुराने गाने सुनने या पुराना एल्बम देखने का मौका हो या साथ बैठकर खाना खाने का अवसर, ये सारे पल हमेशा से मोटिवेशन देने का काम करते हैं। खासकर आजकल छोटे होते परिवारों और तेज रफ्तार वर्चुअल वर्ल्ड की घुसपैठ के बीच इन पलों की जरूरत और भी ज्यादा बढ़ने लगी है। तो प्रॉमिस करें एक-दूसरे से कि दिन का कुछ समय आप मोबाइल, लैपटॉप व सोशल मीडिया से दूर बिताएंगे और साथ रहकर क्वालिटी टाइम बिताएंगे।  
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साथ चलें सेहतमंद भविष्य की ओर - फोटो : Getty Images
4. हेल्थ को लेकर करेंगे बराबरी के जतन 

सबसे ख़ास प्रॉमिस। इसकी जरूरत अब और भी अधिक हो चुकी है। अभी भी परिवारों में ऐसा होता है कि महिलाएं अपने स्वास्थ्य को ठीक रखने के लिए समय नहीं दे पातीं। वे पूरे परिवार का ध्यान रखती हैं लेकिन सबसे ज्यादा खुद को नजरअंदाज करती हैं। इसलिए ये प्रॉमिस उनकी सेहत का खास ख्याल रखने के लिहाज से।  इसका फायदा पति-पत्नी दोनों को मिलेगा। साथ में जिम ज्वाइन करना हो, ब्रिस्क वॉक पर जाना हो, योग करना हो या हेल्दी डाइट का मामला हो, अगर एक-दूसरे का साथ रहेगा और ढील देने पर एक-दूसरे को कड़ाई से टोका भी जायेगा तो जल्द ही एक अच्छी आदत आपके रूटीन में शामिल हो जाएगी। इस आदत का फायदा पूरे परिवार को भी मिल सकता है। हो सकता है कि आपकी देखा-देखी बच्चे भी इस आदत को अपना लें। यदि आप दोनों फिट रहेंगे, सेहतमंद रहेंगे तो परिवार की जिम्मेदारियों को भी ज्यादा ऊर्जा के साथ निभा पाएंगे, आपके काम पर भी इसका अच्छा असर पड़ेगा और जीवन तो अच्छा होगा ही। इस प्रॉमिस के साथ यह भी जोड़ें कि दोनों में से कोई भी अपनी तकलीफ को टालेगा नहीं और सालाना रूटीन चैकअप भी करवाएगा।  
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