15 अगस्त का दिन पूरे भारत देश के लिए गर्व महसूस करने का दिन है, क्योंकि इस दिन हमारे देश के लाखों अमर सपूतों ने अपनी जान की परवाह किए बिना इस देश को आजाद कराने में अपनी जान की बाजी लगा दी। कई सालों तक अंग्रेजों की गुलामी में हमारा देश रहा, जिस दौरान उन्होंने भारतीय लोगों पर काफी अत्याचार किए। इस दौरान लोगों को कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था, और जिंदगी आज की तरह नहीं थी। ऐसे में कई सपूतों ने देश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई, जिसमें से एक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी शामिल थे। गांधी जी ने अहिंसा के रास्ते पर चलते हुए अंग्रेजों को अपने आगे झुका दिया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब देश आजाद हुआ तो आजादी के जश्न में महात्मा गांधी शामिल नहीं हुए थे? शायद नहीं, तो चलिए आपको इसके पीछे की वजह बताते हैं।