इस बार दिवाली और बाल दिवस एक ही दिन है। बाल दिवस, वो दिन होता है जब हम बच्चों को खास महसूस करवाते हैं और दिवाली, वो पर्व है जब अंधकार को रोशनी से मिटाया जाता है। इन दोनों दिनों का एक साथ होना कितना शुभ संयोग है। चूंकि दिवाली बड़ा त्योहार है तो यह बहुत सामान्य है कि इस दिन माता-पिता व्यस्त ही रहेंगे, बच्चों को बाहर ले जाना या उनके लिए अलग से समय निकालना तो संभव ही नहीं हो सकता लेकिन फिर भी कुछ छोटी-मोटी चीजें करके आसानी से बच्चों को समर्पित इस दिन को खास बनाया जाता है। अगली स्लाइड्स से जानिए कि किस तरह से कुछ सामान्य चीजें करके भी आप बच्चों को फील करा सकते हैं स्पेशल।