आमतौर पर आपको लगता होगा कि इडली दक्षिण भारतीय व्यंजन है। लेकिन ऐसा कतई नहीं है। इडली का इतिहास काफी पुराना है। यह डिश इंडोनेशिया से भारत आई और दक्षिण भारत समेत ही पूरे देश के स्वाद में शामिल हो गई। फूड हिस्टोरियंस की मानें तो इडली भारत 800 से 1200 ईसा पूर्व आई। 'इडली' शब्द को लेकर भी यह माना जाता है कि इसका उद्भव 'इडलीग' से हुआ। जिसका जिक्र कन्नड़ साहित्य में मिलता है। इंडोनेशिया से भारत आई 'इडली' इतनी प्रसिद्ध हो गई है कि इसे लेकर साल में एक दिन भी सेलिब्रेट किया जाने लगा है। हर साल 30 मार्च को दुनियाभर में 'इडली दिवस' मनाया जाता है।आइए जानते हैं किस तरह आप घर पर आसानी से इडली का आनंद ले सकते हैं।
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सामग्रीः
चावल – 3 छोटी कटोरी
उड़द दाल – 1 छोटी कटोरी
नमक – स्वादानुसार
बेकिंग सोडा – ½ छोटी चम्मच
काली मिर्च – 1 छोटी चम्मच
तेल या घी – 5 से 6 छोटे चम्मच (इडली स्टैंड मे लगाने के लिए)
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विधिः
दाल और चावल को पांच-छह घंटे पानी मे भिगो दीजिए। उसके बाद दाल और चावल में से अतरिक्त पानी निकाल कर, थोड़ा पानी डाल कर मिक्सी से दरदरा पीस लें। फिर पेस्ट में बेकिंग सोडा डाल कर पेस्ट को कुछ घंटों के लिए वैसे ही छोड़ दें।
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उसके बाद पेस्ट मे नमक और काली मिर्च डाल दीजिये। अगर आप ड्राई फ्रूट्स डालना चाहते हैं तो उनको बारीक काट कर पेस्ट में डाल दीजिए। फिर कूकर या पतीले या इडली स्टैंड मे 2 से 3 गिलास पानी डाल दीजिए। पानी की मात्रा उतनी रखनी है ताकि इडली स्टैंड का नीचे का खाना पानी को छुए न और न ही ज्यादा नीचे हो।
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स्टैंड मे तेल लगा लीजिए, फिर स्टैंड के खानो में इडली का पेस्ट डालें। एक टाइम मे 12 से 16 इडली बन सकती है, ये मात्रा स्टैंड के ऊपर निर्भर करती है।
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इडली स्टैंड को पतिले या कूकर या इडली के स्टैंड मे रख कर उसे ढख दें। 15 मिनट तक तेज आँच पर पकने दें। उसके बाद आप चाकू को इडली में डाल कर देख लें कि इडली चाकू पर चिपक तो नहीं रही, पकी हुई इडली चाकू पर नहीं चिपकेगी।
इडली स्टैंड को पतिले या कूकर या इडली के स्टैंड मे रख कर उसे ढख दें। 15 मिनट तक तेज आँच पर पकने दें। उसके बाद आप चाकू को इडली में डाल कर देख लें कि इडली चाकू पर चिपक तो नहीं रही, पकी हुई इडली चाकू पर नहीं चिपकेगी।