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इस दक्षिण भारतीय डिश का पूरा देश है दीवाना लेकिन आई है विदेश से

Fri, 29 Mar 2019 05:48 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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इडली
आमतौर पर आपको लगता होगा कि इडली दक्षिण भारतीय व्यंजन है। लेकिन ऐसा कतई नहीं है। इडली का इतिहास काफी पुराना है। यह डिश इंडोनेशिया से भारत आई और दक्षिण भारत समेत ही पूरे देश के स्वाद में शामिल हो गई। फूड हिस्टोरियंस की मानें तो इडली भारत 800 से 1200 ईसा पूर्व आई। 'इडली' शब्द को लेकर भी यह माना जाता है कि इसका उद्भव 'इडलीग' से हुआ। जिसका जिक्र कन्नड़ साहित्य में मिलता है। इंडोनेशिया से भारत आई 'इडली' इतनी प्रसिद्ध हो गई है कि इसे लेकर साल में एक दिन भी सेलिब्रेट किया जाने लगा है। हर साल 30 मार्च को दुनियाभर में 'इडली दिवस' मनाया जाता है। आइए जानते हैं इडली का इतिहास 
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इडली
इंडोनेशिया में 'केडली' था आपकी 'इडली' का नाम
आपकी स्वादिष्ट इडली इंडोनेशिया में केडली थी। कहा जाता है कि दक्षिण भारत के शासक और इंडोनेशिया के शासक के बीच अच्छ संबंध थे। हालांकि कई लोगों का यह भी मानना है कि इडली को अरब व्यापारी भारत लाए। कई इतिहासकारों का मानना है कि इडली शब्द 'इडलीग' से आया है। इस शब्द का जिक्र कन्नड़ साहित्य 'वद्धारधन' में मिलता है जिसे शिवकोट्टाचार्य ने 920 ईसा पूर्व लिखा था। 
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इडली
कई इतिहासकार यह भी मानते हैं कि इडली शब्द संस्कृत के 'इडरीका' से लिया गया है। इस शब्द का उल्लेख 12वीं शताब्दी के संस्कृत साहित्य में मिलता है। हालांकि इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि इडली कहां से आई। यह दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत तक में सबकी पसंदीदा डिश है जिसे लोग बड़े चाव से खाते हैं। अगली स्लाइड में पढ़िए कब से मनाया जा रहा है वर्ल्ड इडली डे
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idli
'विश्व इडली दिवस' पिछले तीन सालों से मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत एम एनियावन ने की है। एनियावन इडली की प्रसिद्ध चैन 'मल्लीपू इडली' के संस्थापक हैं। इडली बच्चों से लेकर बूढों तक के लिए सबसे सुरक्षित खाना है। एनियावन का कहना है कि जिस तरह से फादर डे, मदर डे सहित कई दिवस मनाए जाते हैं उसी तरह मेरे जेहन में इडली दिवस मनाने का विचार आया। एनियावन ने न्यूज एजेंसी आईएनएस से यह बात कही। हालांकि यह भी सच है कि रेहड़ी से लेकर होटलों तक में इडली बेचने वाले बहुत से लोग वर्ल्ड इडली डे को लेकर जागरुक नहीं हैं। उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं है।
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