जहां एक तरफ गर्मियों में लोग तला भुना खाना खाने से परहेज करना बेहतर समझते हैं वहीं मानसून आते ही सबसे पहले उनके दिमाग में चाट पकौड़ी और गरमागरम चाय का ख्याल आने लगता है।इस मौसन के आते ही लोगों की डाइट में कई बदलाव आ जाते हैं। सावन का महिना यूं तो बेहद खूबसूरत और आस्था का महिना होता है। लेकिन इस महीने में अपनी सेहत के प्रति आपकी जरा सी बरती लापरवाही आपको कई बीमारियों की चपेट में ला सकती हैं।
आयुर्वेद के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत बीमारियां व्यक्ति को उसके डाइजेस्टिव सिस्टम में गड़बड़ी के कारण ही होती है। ऐसे में डाइजेस्टिव सिस्टम को दुरुस्त रखने के लिए आइए जानते हैं वो कौन सी चीजें हैं जिन्हें इस मौसम में खाने से हमें बचना चाहिए।
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तरबूज और खरबूज
बरसात के मौसम में तरबूज और खरबूज जैसे पानी वाले फल खाने से अक्सर बचना चाहिए। ये फल शरीर में सूजन का कारण बन जाते है। इसकी जगह आप अपने आहर में लीची जैसे फलों को शामिल करें। लीची में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन सी, विटामिन ए और बी कॉम्प्लेक्स भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो मानसून में होने वाली कई बीमारियों से व्यक्ति का बचाव करते हैं।
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खट्टे फल
मानसून में दूध की जगह दही लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। इसके साथ ही टमाटर, नींबू जैसे खट्टे फलों को भी खाने से बचना चाहिए क्योंकि ये शरीर में वॉटर रिटेंशन को बढ़ाते हैं।
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चाय-कॉफी का सेवन
बारिश के मौसम में लोग अक्सर चाय-कॉफी का सेवन जरूर से ज्यादा करने लगते करते हैं। जिसकी वजह से उनकी उनकी बॉडी डिहाइड्रेट होनी शुरू हो जाती है। ऐसे में शरीर को डिटॉक्सीफाई करने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए। इसके अलावा इस मौसम में आड़ू भी जरूर खाएं।
आडू में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो शरीर में एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। इस फल को खाने से इम्यून सिस्टम मजबूत होने के साथ-साथ इंफेक्शन से होने वाली बीमारियों का खतरा भी कम हो जता है।
पकौड़ों से बनाएं दूरी
सावन के व्रत में अपने देखा होगा कि लोग आलू की चाट-पकौडी खाते हैं। लेकिन ये सभी तली-भूनी चीजें पेट में सूजन, पेट खराब होने का कारण बनती हैं इसलिए इन्हें एवॉइड करें।