मकर संक्रांति के साथ ही दक्षिण भारत के खास त्योहार पोंगल की भी शुरुआत हो चुकी है। ये त्योहार दक्षिण भारत में पूरे धूमधाम से मनाया जाता है। ये खास त्योहार चार दिन चलता है। इसके पहले दिन को 'भोगी पोंगल' कहते हैं, दूसरे दिन को 'सूर्य पोंगल', तीसरे दिन को 'मट्टू पोंगल' और चौथे दिन को 'कन्नम पोंगल' कहते हैं।
अगर मान्यताओं की मानें तो दक्षिण भारत में फसल काटने के बाद लोग धूप, सूर्य, इन्द्रदेव और पशुओं की पूजा करने के लिए ये त्योहार मनाते हैं। इन चारों दिनों की अलग-अलग अहमियत है। लोग पोंगल के त्योहार पर खूब सजते-संवरते हैं। इसके साथ ही इन दिनों में पारंपरिक पकवान बनाने की भी प्रथा है।
अगर आप भी कुछ पारंपरिक पकवान बनाने का सोच रही हैं, तो वेन पोंगल एक बेहतर विकल्प है। इसे बनाना भी बेहद आसान है तो आइए आपको आसान तरह से वेन पोंगल बनाने का तरीका बताते हैं।