नवरात्रि के नौ दिनों की पूजा का समापन लोग नवमी तिथि को करते हैं। महानवमी के दिन विधि-विधान से पूजा के साथ ही हवन किया जाता है। साथ ही देवी मां को भोग में हलवा-पूड़ी, खीर चढ़ाया जाता है। साथ ही कन्या पूजन किया जाता है। जिसमे छोटी उम्र की कन्याओं को घर में बुलाकर उनके चरण स्पर्शकर भोजन करवाते हैं। भोग में अगर आप भी हलवा और पूड़ी बनाने वाले हैं तो दो तरह के हलवे बनाकर मैया को भोग में चढ़ा सकते हैं। तो चलिए जानें कौन से दो हलवे जो फटाफट बनकर तैयार हो जाएंगे।
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सूजी का हलवा
सूजी का हलवा बनाने के लिए जरूरत होगी 4 कप सूजी, एक कप चीनी, इलायची पाउडर, बारीक कटे ड्राई फ्रूट्स, देसी घी।
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sooji halwa
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सूजी का हलवा बनाने की विधि
सूजी का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले किसी कड़ाही में देसी घी गर्म करें। जब घी गर्म हो जाए तो सूजी को कड़ाही में डालकर धीमी आंच पर भूनें। इसे तब तक भूनें जबतक कि सूजी सुनहरे रंग की ना हो जाए। जब सूजी गोल्डन ब्राउन हो जाए तो पानी डालकर चलाएं। इसे चलाते हुए सुखाएं। फिर चीनी डाल दें। चीनी के साथ ही बारीक कटे काजू, बादाम, मखाने भी डाल दें। अब इसे चलाते रहें। जब ये सूखने लगे तो गैस बंद कर इलायची पाउडर डाल दें। बस तैयार है स्वादिष्ट सूजी का हलवा।
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atte ka halwa
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आटे का हलवा
माता रानी को हलवा पूड़ी के भोग में आटे का हलवा भी चढ़ाया जाता है। आटे का हलवा बनाने के लिए जरूरत होगी एक कप गेंहू का आटा, दो कप चीनी, तीन से चार बड़े चम्मच देसी घी।
आटे का हलवा बनाने के लिए गैस पर कड़ाही को गर्म करें और इसमे देसी घी डालें। जब घी गर्म हो जाए तो आटे को इसमे डालकर धीमी आंच पर भूनें। ठीक उसी तरह से जैसे सूजी को भूनते हैं। जब आटा सुनहरा होकर महकने लगे तो इसमे चीनी डाल दें। साथ में पानी डालकर तेजी से चलाएं। जिससे की गांठ ना पड़े। बस तेज आंच पर चलाते हुए हलवे को तैयार करें और गैस बंद कर दें।