लोक आस्था का पर्व छठ बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है। चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व पर हर एक दिन प्रसाद में कुछ खास बनने का रिवाज है। छठ के दूसरे दिन जिसे खरना कहा जाता है घरों में प्रसाद के लिए महिलाएं रसिया बनाती हैं। खीर बनाने के लिए आम की लड़की और मिट्टी के चूलहे का उपयोग किया जाता है। खरना का प्रसाद बनाने के लिए चावल, दूध और गुड़ का उपयोग किया जाता है। चावल और दूध चंद्रमा का प्रतीक है तो गुड़ सूर्य का प्रतीक है। तीनों के मिश्रण से बनी खीर को रसिया कहते हैं। इसको ग्रहण करने से स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव पड़ता है। मानसिक रोग से भी छुटकारा मिलता है। इसके साथ हीं खरना का प्रसाद खाने वाले को चर्मरोग नहीं होता है।