आज चैत्र नवरात्रि 2025 का दूसरा दिन है। नवरात्रि का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है। मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी को दूध से बनी चीजें बेहद प्रिय हैं। इसलिए आइए आज हम पंचामृत बनाने के रेसिपी के बारे में जानते हैं।
Chaitra Navratri 2025 : सनातन धर्म में चैत्र नवरात्रि का काफी महत्व है। नवरात्रि के नौ दिनों में से आज दूसरा दिन है और इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इन नौ दिनों में लोग माता रानी को प्रसन्न करने के लिए न सिर्फ पूजा-अर्चना करते हैं, बल्कि बहुत से लोग तो नौ दिन फलाहार खाकर व्रत भी रहते हैं। जिस तरह से मां दुर्गा के सभी स्वरूपों की पूजा अलग-अलग प्रकार से होती है, ठीक उसी प्रकार से उन्हें भोग भी उनकी पसंद का ही लगाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी को दूध से बनी चीजों का भोग लगाने से विशेष फल मिलता है। इसलिए आप आज पंचामृत का भोग लगा सकते हैं। पंचामृत की खास बात यह है कि ये न सिर्फ स्वादिष्ट होता है बल्कि ये सेहत के लिए फायदेमंद होता है।
बनाने की विधि
पंचामृत बनाने के लिए सबसे पहले एक साफ बर्तन में 1 कप दूध डालें। फिर इसमें दो बड़े चम्मच ताजा दही मिलाएं और अच्छी तरह से फेंट लें। इसके बाद, एक बड़ा चम्मच शुद्ध घी डालें और इसे दूध और दही के मिश्रण में अच्छी तरह से मिलाएं।
घी को दूध और दही के साथ अच्छी तरह से मिलाने के बाद, मिश्रण को लगातार चलाते हुए एक बड़ा चम्मच शहद डालें और इसे भी अच्छी तरह से मिलाएं। अंत में, बर्तन में एक बड़ा चम्मच चीनी डालें और इसे पूरी तरह से घुलने तक मिलाएं। इस तरह, पारंपरिक पंचामृत तैयार है। अब इसको सजाने की बारी है।
पंचामृत को सजाने के लिए, आप इसमें दो-तीन तुलसी के पत्ते डाल सकते हैं, जो इसे और भी पवित्र बनाते हैं। इसके अतिरिक्त, आप ऊपर से केसर के धागे या कटे हुए मेवे डालकर इसे और भी आकर्षक बना सकते हैं।