Cooking Food
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दोस्तों को बुलाएं
हमेशा अकेले भोजन करते हुए अगर मन ऊब गया हो तो अपने कुछ दोस्तों को खाने पर बुला लें। एक अच्छी मेजबान बनकर उनकी पसंद का कोई व्यंजन बनाएं। चाहें तो उन्हें भी इस काम में हाथ बंटाने का अवसर दें। इससे माहौल खुशनुमा हो जाएगा। जीवन की एकरसता टूटेगी।
सामंजस्य है जरूरी
एकल रहना किसी भी महिला के लिए आसान कार्य नहीं होता। कई बार वह मजबूरी में एकल रहती है तो कभी परिस्थितिवश। ऐसे हालात में एकल युवती को चाहिए कि वह स्थिति को समझे और दिल-दिमाग से एकल शब्द को निकालकर अपना खाना स्वयं बनाए और खाए। मनोचिकित्सकों के अनुसार, आज के दौर में तमाम युवतियों की यही समस्या है कि वे अपने लिए सोचना ही नहीं चाहती हैं।
थाली में हों बीज भी
पोषण विशेषज्ञ पूनम सिंघल के मुताबिक, एक महिला जन्म से लेकर वृद्धावस्था तक कई तरह के हार्मोनल परिवर्तनों से गुजरती है। ऐसे में अपने स्वास्थ्य और पोषण का ध्यान रखने की जरूरत अधिक होती है। महिलाएं परिवार के सभी सदस्यों का ध्यान रखती हैं। हर रीति-रिवाज के अनुसार खाना बनाती हैं, लेकिन अपनी बारी आते ही जो बचा, उसी से काम चला लेती हैं। अगर पति और बच्चों के साथ रहती हैं तो कुछ बना भी लेती हैं। अकेले में तो बस चाय-टोस्ट, पैक्ड फूड या बाहर के खाने पर ही निर्भर होकर रह जाती हैं, जबकि बढ़ती उम्र के साथ उन्हें अधिक पोषण की आवश्यकता होती है। ऐसे में उन्हें अपने भोजन में विभिन्न प्रकार के बीजों को भी शामिल करना चाहिए, जैसे कि चिया, अलसी, सूरजमुखी, तरबूज और कद्दू के बीज। पर्याप्त पानी पीना चाहिए। विटामिन ए, बी, सी, डी और कैल्शियम के लिए दूध, दही, रागी, पत्तेदार सब्जियां एवं सलाद को भी भोजन में शामिल करना चाहिए। आखिर एक स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार का निर्माण कर सकती है।