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कोरोना काल में विटामिन सी से भरपूर इन खाद्य पदार्थों का जरूर करें सेवन, तेजी से इम्यूनिटी बढ़ाने में मिलेगी मदद

Sat, 01 May 2021 02:48 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए करें विटामिल सी का सेवन - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey

प्रिया पांडेय

डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष


कोरोना के इस विकट समय में खुद को संक्रमण से बचाकर रखना लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। संक्रमण से आप तब बच सकते हैं जब आपकी इम्यूनिटी बेहतर हो। आहार विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना के ऐसे विपरीत समय में खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। इस समय लोगों को विटामिन सी-डी सहित जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थों के ज्यादा से ज्यादा सेवन की सलाह दी जा रही है। इनसे न सिर्फ आपकी इम्यूनिटी बढ़ती है साथ ही यह आपको कई अन्य रोगों से भी सुरक्षित कर सकती है।
आइए विटामिन सी से भरपूर ऐसे ही कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में जानते हैं जो कोरोना के समय में आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकते हैं।
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आंवले में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है - फोटो : Social media
आंवला
आयुर्वेदिक चिकित्सका में सदियों से आंवले का इस्तेमाल विभिन्न रोगों के इलाज के लिए किया जाता रहा है। छोटे से इस फल में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। संतरे की तुलना में केवल एक आंवले में विटामिन सी की मात्रा लगभग 20 गुना अधिक होती है। विटामिन सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता है जो कि तंत्रिका तंत्र, प्रतिरक्षा प्रणाली और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा आंवले का सेवन मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने, हड्डियों के निर्माण, प्रजनन और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ावा देने में मददगार है। रोजाना सुबह आंवले के जूस का सेवन जरूर करना चाहिए।
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रोजान करें नींबू का सेवन - फोटो : Pixabay
नींबू
नींबू को विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सिडेंट का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। कोरोना के समय में जब लोग अपनी इम्यूनिटी को मजबूत करने की कोशिश में लगे हैं ऐसे में नींबू का सेवन आपके लिए सबसे फायदेमंद हो सकता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर से फ्री रेडिकल्स को हटाने में सहायक हैं जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर संक्रमण का कारण बन सकती हैं। नींबू में थियामिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी-6, पैंटोथेनिक एसिड, कॉपर और मैंगनीज भी काफी अच्छी मात्रा में पाई जाती है। कोरोना के समय में इसके सेवन की सलाह दी जाती है।

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अनानास के फायदे अनेक - फोटो : Pixabay
अनानास
अनानास को सदियों से पाचन को मजबूत करने के साथ और सूजन की समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इस फल में विटामिन सी और मैंगनीज की उच्च मात्रा मौजूद होती है। इसके अलावा यह कैलोरी में कम होने के साथ डाइट्री फाइबर और ब्रोमलेन से समृद्ध माना जाता है। रोजाना अनानास का सेवन करने से वायरल और बैक्टीरियल दोनों संक्रमणों का खतरा कम हो सकता है।
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स्ट्रेस हार्मोन को कम करने में सहायक हैं संतरे - फोटो : Pixabay
संतरा
संतरे को विटामिन सी का बेहतर स्रोत माना जाता है। आहार विशेषज्ञों के अनुसार 1 मध्यम आकार के संतरे (100 ग्राम) में विटामिन सी की मात्रा 53.2 मिलीग्राम के करीब होती है। साइट्रिक युक्त फलों में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुण हमारी इम्यूनिटी को बढ़ाने के साथ फ्री रेडिकल्स के कारण हमारी कोशिकाओं को होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। जो लोग सर्दी और अन्य एलर्जी से पीड़ित हैं, संतरे का सेवन उनके लिए भी फायदेमंद होता है। इसके अलावा संतरा शरीर में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाने के साथ स्ट्रेस हार्मोन को कम करने में भी सहायक है।
 
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शिमला मिर्च के फायदों को जानें - फोटो : Social media
शिमला मिर्च
खट्टे और साइट्रिक यु्क्त फलों की तरह शिमला मिर्च में भी विटामिन सी की समान मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा यह बीटा कैरोटीन से भी समृद्ध मानी जाती है। शिमला मिर्च में मौजूद खनिज और विटामिन, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के साथ, त्वचा की रंगत में सुधार करने और आंखों को स्वस्थ रखने में भी मददगार हैं। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भी सहायक है। कोरोना के इस विपरीत काल में शिमला मिर्च का सेवन कई तरह से आपके लिए लाभदायक हो सकता है।

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नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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