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International Yoga Day 2022: फेफड़े-हृदय से लेकर डायबिटीज तक के जोखिम को कम कर देते हैं योगासन, अध्ययन में दावा

Tue, 21 Jun 2022 12:16 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नियमित योगासनों के अभ्यास से लाभ - फोटो : Istock
पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती तमाम तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए शारीरिक निष्क्रियता को प्रमुख जोखिम कारक के तौर पर देखा जा रहा है। शारीरिक निष्क्रियता के कारण शरीर में रक्त का संचार प्रभावित होने के साथ मोटापे का खतरा भी बढ़ जाता है। ये सभी स्थितियां फेफड़े-हृदय से लेकर डायबिटीज जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन अंगों की बढ़ती बीमारियों से बचाव के लिए सभी लोगों को नियमित रूप से योगासनों को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं। योगासनों के अभ्यास से शारीरिक सक्रियता बनी रहती है और  फेफड़े-हृदय जैसे अंगों को स्वस्थ रखा जा सकता है।

योग के शारीरिक-मानसिक कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ हैं। योग से होने वाले फायदों के बारे में लोगों को बताने और योगासनों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि योगासनों को दिनचर्या में शामिल करके कई तरह की क्रोनिक बीमारियों के जोखिम को किस तरह से कम किया जा सकता है? 
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योग से फेफड़ों की सेहत में सुधार - फोटो : iStock
फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाते हैं योग

योग से होने वाले फायदों को जानने के लिए किए गए अध्ययन में विशेषज्ञों ने पाया कि इसके अभ्यास की आदत शारीरिक-मानसिक दोनों तरह की सेहत को बढ़ावा देने में आपके लिए फायदेमंद हो सकती है। थाईलैंड में खोन केन विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता रॉयरिन चानाविरुत कहते हैं,  शोध से पता चलता है कि कुछ दिनों तक भी योग-व्यायाम की आदत डालकर छाती की बेहतर स्ट्रेचिंग, क्षमता और कार्यशक्ति को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक - फोटो : istock
कई रोगों के जोखिम को कर सकता है कम

प्रोफेसर रॉयरिन बताते हैं, कुछ प्रकार के योगासनों को न सिर्फ फेफड़े की शक्ति को बढ़ाने वाला पाया गया है साथ ही अगर इनके नियमित अभ्यास की आदत बना ली जाए तो यह सांस लेने की क्षमता में सुधार करके, अस्थमा सहित श्वास को प्रभावित करने वाली कई तरह की अन्य बीमारियों की जटिलताओं को कम कर सकती है। कई योगासन जैसे मार्जरी आसन, वृक्षासन और कैमल पोज आदि के अभ्यास को इसमें काफी लाभकारी पाया गया है। 

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हृदय के लिए योग के लाभ - फोटो : istock
हृदय की समस्याओं में योग के लाभ

जॉन्स हॉपकिन्स में कार्डिएक एरिथिमिया सर्विस के निदेशक ह्यूग काल्किन्स कहते हैं, अध्ययनों से पता चलता है कि योगासनों के अभ्यास की आदत कार्डियोवैस्कुलर स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभप्रद हो सकती है। पिछले पांच वर्षों में हृदय रोग के मामलों काफी उछाल देखा गया है। योग मन-शरीर की गतिविधि है जिसमें शरीर की ताकत, लचीलेपन, संतुलन को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाते हैं।  
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नियमित योगासनों की बनाएं आदत - फोटो : iStock
हृदय रोग के कारकों को भी कम करने में लाभकारी

योग का अभ्यास रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के साथ-साथ हृदय गति को भी कम करने में मदद कर सकता है, जिससे यह जीवनशैली हृदय स्वास्थ्य में सुधार कर सकती है।  एक अध्ययन से पता चला है कि जिन्होंने तीन महीने तक योग का अभ्यास किया उनमें हृदय रोग को बढ़ावा देने वाले जोखिम कारक काफी कम पाए गए।

योगासनों को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया जा सकता है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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