साल 2025 अपने आखिरी के दिनों में है और नया साल 2026 दस्तक दे रहा है। खट्टी-मीठी यादों के साथ हम इस साल को बाय बोलने वाले हैं, पर इससे पहले अगर नजर डालें तो पता चलता है कि सेहत के लिहाज से 2025 कई प्रकार से चुनौतीपूर्ण रहा। इस साल दुनियाभर में तमाम तरह की बीमारियों का असर देखने को मिला, जिससे आम लोगों से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं तक पर दबाव बढ़ा। बदलती जीवनशैली, जलवायु परिवर्तन, बढ़ती आबादी और वैश्विक यात्राओं ने संक्रामक बीमारियों को बढ़ाया।
कोविड-19 जैसे श्वसन संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हुए और बीच-बीच में इसके नए वैरिएंट्स सामने आते रहे। इसके साथ ही इन्फ्लुएंजा, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियां कई देशों में तेजी से फैलीं।
जंगलों की कटाई, वन्य जीवों के आवास में दखल और इंसानों का जानवरों से बढ़ता संपर्क नए जूनोटिक रोगों को जन्म दे रहा है, इसका असर भी साल 2025 में स्पष्ट रूप से देखा गया।
नए साल में प्रवेश करने से पहले, साल 2025 में किन रोगों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ाई, आइए इसपर एक नजर डालते हैं?