वायु प्रदूषण के दुष्प्रभाव
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अमोनियम वाला पीएम 2.5 कहीं ज्यादा खतरनाक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पीएम 2.5 पहले से ही फेफड़ों और खून में जाकर स्वास्थ्य के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाला माना जाता रहा है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि अमोनियम वाला पीएम 2.5 असल में सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक हो सकता है, यह दूसरे टाइप के मुकाबले मौत के खतरे को बढ़ाने वाला हो सकता है।
दिल्ली में पहले से ही वायु प्रदूषण के कारण अस्थमा, फेफड़ों की क्षमता में कमी और दिल की बीमारियों का जोखिम देखा जा रहा है, अमोनियम सल्फेट का बढ़ा स्तर और भी चुनौतियों वाला हो सकता है।
अध्ययनों से पता चलता है कि अमोनियम सल्फेट के संपर्क में आने पर आंखों, त्वचा और सांस की नली में जलन की समस्या हो सकती है। खाद्य पदार्थों में इसकी मात्रा मतली, उल्टी, दस्त और पेट दर्द सहित पाचन की गंभीर दिक्कतों का कारण बन सकती है। इसका तंत्रिकाओं पर भी दुष्प्रभाव देखा गया है, जिसके कारण भ्रम, कंपकंपी और न्यूरलॉजिकल समस्याएं होने का खतरा रहता है। अस्थमा और सांस के अन्य मरीजों में ये बीमारी को ट्रिगर करने वाली हो सकती है।