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विश्व रेबीज दिवस: कुत्ते के काटने के बाद हल्दी-चूना लगाना कितना खतरनाक?

Thu, 17 Sep 2026 03:28 PM IST
Shruti Gaur हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Rabies Day: कुत्ते के काटने पर अक्सर हम सभी घरेलू नुस्खे पहले आजमाते हैं। ऐसे समय में आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं, आइए जानते हैं। 
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कुत्ते के काटने पर क्या करें? - फोटो : AI
World Rabies Day: हर साल 28 सितंबर को विश्व रेबीज दिवस मनाया जाता है, जिसका मकसद रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करना है। भारत में आज भी कुत्ते के काटने के बाद लोग डॉक्टर के पास जाने से पहले हल्दी, चूना, मिर्च पाउडर, गोबर या नीम जैसी चीजें घाव पर लगाते हैं। लोगों को लगता है कि इससे जहर निकल जाएगा, लेकिन हकीकत में ये नुस्खे जान पर भारी पड़ सकते हैं।

रेबीज वायरस काटने के बाद नसों के जरिए सीधे दिमाग तक पहुंचता है और एक बार लक्षण दिखने पर मौत तय है। ऐसे में गलत घरेलू उपचार से समय बर्बाद होता है और वायरस को फैलने का मौका मिल जाता है। आखिर कुत्ते के काटने पर क्या करना चाहिए और क्या बिल्कुल नहीं, आइए विस्तार से समझते हैं
 
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कुत्ते के काटने पर क्या करें? - फोटो : AI
क्यों खतरनाक हैं ये घरेलू नुस्खे?

 कुत्ते या किसी अन्य संदिग्ध जानवर के काटने के बाद घरेलू उपचार पर निर्भर रहना खतरनाक हो सकता है। रेबीज एक गंभीर बीमारी है और इसके लक्षण शुरू होने के बाद यह लगभग हमेशा घातक होती है। इसलिए काटने के बाद सही फर्स्ट एड और समय पर चिकित्सा लेना बेहद जरूरी है।

 1. हल्दी, चूना, मिर्च आदि लगाना

 घाव पर हल्दी, चूना, मिर्च, तेल, मिट्टी या किसी अन्य घरेलू पदार्थ को लगाने से बचें।
  • इससे घाव में जलन और त्वचा के ऊतकों को नुकसान हो सकता है।
  • घाव में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
  • इन चीज़ों से रेबीज़ वायरस से बचाव नहीं होता।
  •  मिर्च या चूना जैसी चीज़ें घाव को और नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  •  
  •  सबसे जरूरी है कि घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोया जाए।

 
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कुत्ते के काटने पर क्या करें? - फोटो : AI
2. घाव को बांधना या तुरंत टांका लगवाना

 कुत्ते के काटने के घाव को अपने-आप कसकर बांधना या बिना डॉक्टर की सलाह के तुरंत टांके लगवाना उचित नहीं है।
  •  सबसे पहले घाव को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है।
  • टांके लगाने की जरूरत है या नहीं, इसका फैसला डॉक्टर घाव की गहराई, स्थान और स्थिति देखकर करते हैं।
  •  चेहरे या शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर हुए घाव में विशेष चिकित्सा की जरूरत हो सकती है।

 

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कुत्ते के काटने पर क्या करें? - फोटो : AI
 3. झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ना

 झाड़-फूंक या किसी गैर-चिकित्सकीय उपचार के कारण अस्पताल जाने और रेबीज़ से बचाव की वैक्सीन लगवाने में देरी हो सकती है। काटने के बाद समय पर इलाज शुरू करना बहुत जरूरी है। इसलिए किसी भी घरेलू या पारंपरिक उपाय के कारण चिकित्सा लेने में देरी न करें।

 
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कुत्ते के काटने पर क्या करें? - फोटो : AI
क्या करना चाहिए?

 1. तुरंत घाव धोएं

 कुत्ते के काटने के बाद घाव को कम से कम 15 मिनट तक साबुन और बहते साफ पानी से अच्छी तरह धोएं।
  • घाव को साफ करना रेबीज़ से बचाव की शुरुआती और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
  • घाव पर मिर्च, चूना, हल्दी, तेल या मिट्टी जैसी चीज़ें न लगाएं।
  •  घाव को धोने में देरी न करें।

 
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कुत्ते के काटने पर क्या करें? - फोटो : AI
 2. एंटीसेप्टिक लगाएं

 घाव को धोने के बाद पोविडोन-आयोडीन जैसे उपयुक्त एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रखें कि एंटीसेप्टिक लगाना रेबीज़ वैक्सीन या डॉक्टर के इलाज का विकल्प नहीं है।

 
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कुत्ते के काटने पर क्या करें? - फोटो : AI
 3. तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

 कुत्ते के काटने से त्वचा टूट गई है तो जल्द से जल्द डॉक्टर या एंटी-रेबीज़ केंद्र में जाएं।

 डॉक्टर यह तय करेंगे कि आपको:
  • एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) की जरूरत है या नहीं और कितनी खुराक लेनी है।
  • टिटनेस से बचाव या एंटीबायोटिक की जरूरत है या नहीं।
  •  घाव की आगे की सफाई और उपचार कैसे किया जाना चाहिए।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 
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