सांस की समस्याएं गंभीर जोखिमकारक मानी जाती हैं, निमोनिया जैसी बीमारियों के कारण खतरा और भी अधिक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को श्वसन स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहने की सलाह देते हैं। ध्यान रहे, निमोनिया बहुत गंभीर हो सकती है और मृत्यु का कारण भी बन सकती है। निमोनिया से होने वाली जटिलताओं में श्वसन विफलता, सेप्सिस और फेफड़ों में गंभीर संक्रमण शामिल है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों और अन्य चिकित्सा समस्याओं के शिकार लोगों में निमोनिया और इसके लक्षणों के गंभीर रूप लेने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
निमोनिया के कारण होने वाली समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करने, इससे बचाव को लेकर शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है।
डॉक्टर कहते हैं, हमारे जीवनशैली की कुछ गड़बड़ आदतें निमोनिया के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं, आइए जानते हैं इस गंभीर रोग से बचाव के लिए किन आदतों से तुरंत दूरी बना लेना आवश्यक है?