निमोनिया, फेफड़ों को प्रभावित करने वाली गंभीर स्थिति है, यह संक्रमण बैक्टीरिया, वायरस या कवक के कारण एक या दोनों फेफड़ों में हो सकती है। वैसे तो निमोनिया का खतरा बच्चों में अधिक देखा जाता रहा है, पर यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है, इससे बचाव करते रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। संक्रमण की स्थिति फेफड़ों के वायुकोश, जिसे एल्वियोली के नाम से जाना जाता है उनमें सूजन का कारण बन सकती है।
निमोनिया के कारण एल्वियोली में द्रव या मवाद भर जाती है, जिससे सांस लेना मुश्किल होने लगता है। गंभीर स्थितियों में इसे जानलेवा समस्या भी माना जाता है। निमोनिया के खतरे के बारे में लोगों को जागरूक और इससे बचाव के तरीकों के बारे में शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 12 नवंबर को वर्ल्ड निमोनिया डे मनाया जाता है।
डॉक्टर बताते हैं, वायरल और बैक्टीरियल दोनों कारण होने वाली निमोनिया को संक्रामक माना जाता है, यह संक्रमित व्यक्ति के छींक या खांसी से निकलने वाली ड्रॉपलेट से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चों, बुजुर्गों और प्रतिरक्षा प्रणाली में कमजोरी के शिकार लोगों को निमोनिया से बचाव करते रहना चाहिए। आइए इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के बारे में जानते हैं।