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World Osteoporosis Day 2025: दांतों का बार-बार टूटना, कहीं ऑस्टियोपोरोसिस का संकेत तो नहीं?

Sat, 18 Oct 2025 01:13 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

World Osteoporosis Day 2025: जो लोग ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से परेशान हैं उनके दांत भी धीरे धीरे टूटने लगते हैं। इसलिए अगर किसी व्यक्ति का दांत बार-बार टूट रहा है तो ये ऑस्टियोपोरोसिस का शुरुआती संकेत हो सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं। 
 
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वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे 2025 - फोटो : Amar Ujala
Tooth Toss is A Sign of Osteoporosis: अक्सर कुछ लोग जोड़ों के दर्द, मसूड़े की समस्या, दांतों में दर्द की समस्या से परेशान रहते हैं। कुछ मामलों में दांतें भी टूटने लगती हैं। ज्यादातर लोग इन समस्याओं को बढ़ती उम्र का नतीजा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि अक्सर लोग दांत टूटने या ढीले होने के शुरुआती संकेतों को नहीं पहचान पाते हैं और इसे सिर्फ डेंटिस्ट से जुड़ी समस्या मानकर टाल देते हैं, लेकिन बार-बार हड्डियों से संबंधित समस्या होना ऑस्टियोपोरोसिस का शुरुआती संकेत हो सकता है।

हर साल 20 अक्तूबर को 'वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे 2025' मनाया जाता है, इस दिन का उद्देश्य लोगों के बीच में ऑस्टियोपोरोसिस बिमारी के बारे में जागरूक करना है। यह एक ऐसी गंभीर समस्या है, जिसमें शरीर में हड्डियों का घनत्व धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसका अस हमें जबड़े पर भी देखने को मिलता है और जबड़े हमारे दातों के लिए नींव माने जाते हैं।

ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को ऑस्टियोपोरोसिस कि शिकायत है तो उसके तो दांत ढीले होंगे, मसूड़े हटेंगे, और अंत में दांत टूटकर गिर जाएंगे। इसलिए यदि किसी व्यक्ति के दांत बार-बार टूट रहे हैं या मसूड़ों में लगातार समस्या है, तो यह ऑस्टियोपोरोसिस का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आज के दौर ये समस्या अब कम उम्र के लोगों में देखने मिल रहा है। आइए इस लेख में इसी के बारे में जानते हैं कि ऑस्टियोपोरोसिस होने पर जबड़े में उसके क्या लक्षण दिखते हैं?
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दांत - फोटो : Freepik.com
जबड़े की हड्डी पर पड़ता है सीधा असर
ऑस्टियोपोरोसिस सिर्फ रीढ़, कूल्हे या कलाई की हड्डियों को ही नहीं, बल्कि जबड़े की हड्डी को भी कमजोर करता है। जब कैल्शियम और मिनरल की कमी से यह हड्डी पतली हो जाती है, तो दांतों की जड़ें मजबूती से पकड़ नहीं पातीं। इसी वजह से दांत ढीले होने लगते हैं या बिना किसी चोट के भी टूट जाते हैं। इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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दांत - फोटो : Adobe Stock
मसूड़ों का घटना 
जबड़े की हड्डी का घनत्व कम होने पर, मसूड़ों को भी पर्याप्त सहारा नहीं मिल पाता। इससे मसूड़े धीरे-धीरे नीचे की ओर हटने लगते हैं, जिसे गम रिसेशन कहा जाता है। मसूड़ों के घटने से दांतों की जड़ें दिखाई देने लगती हैं, जिससे दांत में अधिक सेंसेशन होने लगता है और मसूड़ों से संबंधित संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

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वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे 2025 - फोटो : Adobe Stock
डेन्चर का फिट न होना
जिन लोगों के दांत टूट चुके हैं और वे डेन्चर का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें भी ऑस्टियोपोरोसिस से संबंधित संकेत मिल सकते हैं। जब जबड़े की हड्डी तेजी से घिसती है, तो डेन्चर का फिटमेंट खराब होने लगता है और उन्हें बार-बार एडजस्ट करने की जरूरत पड़ती है। यह जबड़े की हड्डी में हो रहे तेज नुकसान का संकेत है।


 
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दांत - फोटो : Freepik.com
क्या करें?
अगर आप दांतों और हड्डियों दोनों को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो कैल्शियम, विटामिन D और विटामिन K2 से भरपूर आहार लें। वजन उठाने वाले व्यायाम करें और धूम्रपान व अत्यधिक शराब के सेवन से बचें। दांतों की नियमित जांच के दौरान अपने डेंटिस्ट से भी अपनी हड्डियों के स्वास्थ्य पर चर्चा करें।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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