जिस तरह पेट, ह्रदय, आंख, कान, नाक संबंधी बीमारियों के प्रति लोग जागरूकता रखते हैं, अब समय है कि लोग मौखिक स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक हो जाएं। आज भी कई सारे लोग ऐसे हैं जो अपने मुंह की सफाई नहीं करते हैं, चिकित्सक के पास नहीं जाते हैं और दिन-ब-दिन अपने मौखिक स्वास्थ्य को खराब कर लेते हैं। मुंह से आने वाली दुर्गंध के प्रति भी लोग जागरूक नहीं हैं। मौखिक सेहत के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ही इस दिन की शुरुआत की गई। अगली स्लाइड्स से जानिए विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस का इतिहास, विषय और अन्य जानकारी।