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World Obesity Day 2025: आप भी हैं मोटापे का शिकार? कर लें इसे कंट्रोल वरना इन बीमारियों का हो जाएंगे शिकार

Tue, 04 Mar 2025 09:59 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा केवल शरीर का वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कारण समय के साथ दिल, लिवर, किडनी, हड्डियों और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर हो सकता है।
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वजन बढ़ने की समस्या है खतरनाक - फोटो : Freepik.com
World obesity day: मोटापा एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है, जो दिन-ब-दिन तेजी से बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, साल 2022 तक दुनियाभर में एक अरब से अधिक लोग मोटापे से ग्रस्त थे, अगले एक दो दशकों में इससे प्रभावित लोगों की संख्या और भी अधिक हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी आयु के लोग इसका शिकार देखे जा रहे हैं। कई अध्ययन बच्चों में बढ़ते मोटापे की समस्या और इसके कारण भविष्य में बढ़ने वाली दिक्कतों को लेकर अलर्ट करते रहे हैं। 

दुनियाभर में तेजी से बढ़ती मोटापे की समस्या और इसके कारण होने वाली स्वास्थ्य जटिलताओं के बारे में जागरूकता बढ़ाने और मोटापा कम करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर 4 मार्च को विश्व मोटापा दिवस मनाया जाता है। पहले यह 11 अक्टूबर को मनाया जाता था।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा केवल शरीर का वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है, इसके कारण समय के साथ दिल, लिवर, किडनी, हड्डियों और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर हो सकता है। हृदय रोग, डायबिटीज और कैंसर जैसी समस्याओं से पीड़ित अधिकतर लोगों को मोटापाग्रस्त पाया जा रहा है।
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आपका भी तो नहीं बढ़ गया है वजन? - फोटो : Adobe stock photos
मोटापा बढ़ने का क्या कारण है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 या उससे अधिक है तो ये सेहत के लिए अच्छा संकेत नहीं है। 

शरीर में फैट की मात्रा बढ़ना मोटापे का कारण बनता है। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी, इसमें दोनों की भूमिका होती है। अधिक मात्रा में जंक और फास्ट फूड्स, तले-भुने खाद्य पदार्थ और मीठे पेय पदार्थ का सेवन मोटापे का सबसे बड़ा कारण है। मोटापे की स्थिति पर अगर ध्यान न दिया जाए तो आपको भविष्य में कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। आइए मोटापे के कारण होने वाली समस्याओं के बारे में जानते हैं।
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हृदय रोगों का खतरा - फोटो : Freepik.com
हृदय की सेहत पर असर

मोटापे के कारण होने वाली प्रमुख बीमारियों में हृदय रोग प्रमुख हैं। मोटापा या अधिक वजन की स्थिति दिल की धमनियों में रुकावट पैदा करने लगती है, जिससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञों ने एक अध्ययन में पाया कि मोटे लोगों में दिल का दौरा पड़ने की आशंका चार गुना अधिक होती है। इतना ही नहीं हृदय रोगों के कारण होने वाली 44% मौतों के लिए मोटापा एक कारण हो सकता है। हृदय को स्वस्थ रखने के लिए वजन कम करना एक प्रभावी तरीका माना जाता रहा है।

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मोटापा और डायबिटीज का जोखिम - फोटो : Freepik.com
डायबिटीज का हो सकता है खतरा

मोटापा की स्थिति हृदय रोगों के साथ-साथ डायबिटीज के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मोटापा शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध पैदा कर देता है, जिससे शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने लगता है।

डब्ल्यूएचओ ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि टाइप-2 डायबिटीज के 70 फीसदी से अधिक मामले मोटापे के कारण होते हैं। इतना ही नहीं मोटापे की स्थिति डायबिटीज के शिकार लोगों की जटिलताओं को और भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
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मोटापा और हड्डियों की समस्या - फोटो : Freepik.com
मोटापा के कारण होने वाली इन समस्याओं के बारे में  भी जानिए

हृदय रोग और डायबिटीज के अलावा भी मोटापे की स्थिति आपकी सेहत को कई प्रकार से प्रभावित करने वाली हो सकती है।
  • अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापे से ग्रस्त लोगों में हाई ब्लड प्रेशर होने का खतरा 60% अधिक होता है।
  • मोटापा सांस की नली को संकरा कर देती है, जिससे सोते समय सांस लेने में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
  • शरीर का बढ़ा हुआ वजन जोड़ों पर दबाव डालता है, खासकर घुटनों और कूल्हों पर। मोटापे से ग्रस्त लोगों में गठिया का खतरा 60% तक अधिक होता है।
  • मोटापा शरीर में सूजन और हार्मोन असंतुलन पैदा करता है, जिससे कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अनुसार, मोटे लोगों की जीवन प्रत्याशा भी सामान्य लोगों की तुलना में कम होती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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