मानसिक स्वास्थ्य विकार दुनियाभर में तेजी से बढ़ती समस्या है, बच्चों से लेकर वयस्कों तक में इसका जोखिम देखा जा रहा है। अध्ययनकर्ता बताते हैं, कई जोखिम कारक हैं जो मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर रूप से नकारात्मक असर डाल रहे हैं, सभी लोगों को अपने मन को स्वस्थ और शांत रखने के लिए उपाय करते रहना चाहिए। अध्ययनकर्ताओं ने बताया समय के साथ मनोरोगों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, आने वाले वर्षों में इसका जोखिम और भी अधिक हो सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बने सामाजिक स्टिग्मा को दूर करने और मन को स्वस्थ रखने के लिए हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। मनोचिकित्सक कहते हैं, कम उम्र से ही सभी लोगों को इसके जोखिम कारकों से बचाव करते रहने की आवश्यकता है। एक हालिया अध्ययन में वैज्ञानिकों का कहना है जिस तरह से वैश्विक स्तर पर मनोचिकित्सा की समस्या बढ़ रही है ऐसे में आशंका है कि 75 वर्ष की आयु तक तक दुनिया की 50 फीसदी आबादी में मानसिक स्वास्थ्य विकार का जोखिम हो सकता है।