मानसिक विकार, वैश्विक स्तर पर गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसपर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो संपूर्ण स्वास्थ्य पर इसका नकारात्मक असर हो सकता है। स्ट्रेस-एंग्जाइटी के साथ शुरू होने वाली यह दिक्कत डिप्रेशन या अवसाद का रूप ले सकती है। युवाओं में अवसाद की बढ़ती समस्या एक बड़ा स्वास्थ्य जोखिम है जिसको लेकर विशेषज्ञ चिंता जताते रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में 280 मिलियन (28 करोड़) से अधिक लोग डिप्रेशन के शिकार हैं। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर सामाजिक टैबू के चलते इनमें से ज्यादातर लोगों का समय पर इलाज नहीं हो पाता है।
मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सामाजिक कलंक की भावना को दूर करने और बीमारियों के बारे में शिक्षा-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 10 अक्तूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, डिप्रेशन के वैसे तो कई कारण हो सकते हैं, पर करीब एक तिहाई रोगियों में एक समस्या बड़ी कॉमन पाई गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया गंभीर अवसाद से पीड़ित लगभग एक-तिहाई लोगों में शराब पीने की लत के बारे में पता चला है।