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Malaria Outbreak: इस देश में 8 महीने में ही दर्ज किए गए 32 लाख मलेरिया के मामले, WHO ने जारी किया अलर्ट

Wed, 24 Apr 2024 10:47 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कई देशों में मलेरिया के मामले - फोटो : iStock
मच्छरजनित कई प्रकार की बीमारियों के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन दिनों कई अफ्रीकी देशों में मलेरिया के मामले तेजी से बढ़ते हुए देखे जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक पिछले कुछ महीने में इथियोपिया में मलेरिया के केस और मृतकों की संख्या में बड़ा उछाल आया है, यहां आठ महीनों में ही 32 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

पूर्वी अफ्रीकी देश के विभिन्न हिस्सों में बीमारी के तेजी से फैलने को लेकर चेतावनी देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा सभी लोगों को मलेरिया से बचाव को लेकर प्रयास करते रहने की जरूरत है। हर हफ्ते यहां करीब 70,000 लोग संक्रमित हो रहे हैं।  

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस रोग के मामले अभी से काफी अधिक देखे जा रहे हैं। बरसात का मौसम बीमारी के प्रसार को और बढ़ा देगा, यह गंभीर संकट का समय हो सकता है, मलेरिया की रोकथाम को लेकर गंभीरता से प्रयास की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (यूएनओसीएचए) ने कहा कि मौजूदा प्रकोप के परिणामस्वरूप इथियोपिया में मलेरिया से संबंधित मौतों की संख्या जनवरी में 611 से बढ़कर फरवरी में 764 हो गई है। 
 
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मलेरिया के बढ़ते मामलों के लेकर अलर्ट - फोटो : istock
अफ्रीकी देशों में मलेरिया का प्रभाव

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इथियोपिया के अलावा कई अन्य देशों जैसे केन्या में भी इस रोग के तेजी से बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। यहां भी पिछले कुछ महीनों में तेजी से मलेरिया के मामले और मौत की संख्या बढ़ी है। 

कई अफ्रीकी देशों में मलेरिया के खतरे को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों ने अलर्ट जारी करते हुए इस बीमारी से होने वाली मौतों को कम करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता जताई है। विश्व स्तर पर मलेरिया से होने वाली 95% मौतें अफ्रीकी देशों में दर्ज की जाती रही हैं।

ये भी पढ़िए- हर साल 5-6 लाख लोगों की मलेरिया से हो जाती है मौत, क्या इससे बचाव के लिए है कोई वैक्सीन?
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मलेरिया के खतरे को लेकर अलर्ट - फोटो : Pixabay
परजीवी के कारण होता है ये रोग

गौरतलब है कि मलेरिया रोग, संक्रमित मच्छरों द्वारा मनुष्यों में फैलने वाली एक जानलेवा बीमारी है। ये संक्रमण एक परजीवी के कारण होता है हालांकि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिन हिस्सों में मलेरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं वहां पर लोगों को मच्छरों के काटने से बचने के लिए गंभीरता से उपाय करने की जरूरत है।

मलेरिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के टीकाकरण की सलाह देते हैं। इसी क्रम में वैज्ञानिकों की एक टीम ने नया टीका विकसित किया है, जिसके अच्छे परिणाम देखे गए हैं। 

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मलेरिया के लिए वैक्सीन - फोटो : PTI
दो टीकों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल

दशकों के शोध और परीक्षणों के बाद मलेरिया की रोकथाम को लेकर वैज्ञानिकों ने नया टीका (आरटीएस, एस वैक्सीन) विकसित किया है जिसे इस रोग की रोकथाम को लेकर प्रभावी साबित होने का दावा किया जा रहा है। जनवरी से ही कैमरून जैसे देशों में शिशुओं और पांच साल से कम उम्र के बच्चों को टीके दिए जा रहे हैं।

अध्ययनकर्ता कहते हैं, परीक्षण में इस वैक्सीन को मलेरिया की रोकथाम को लेकर काफी प्रभावी पाया गया है, उम्मीद है कि इससे मलेरिया की रोकथाम की दिशा में बड़ी कामयाबी मिल सकती है। 
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मलेरिया से बचाव के लिए क्या करें? - फोटो : iStock
क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?

इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आर21 वैक्सीन को दिसंबर में मंजूरी दी थी।। यह टीका पहले से ही कुछ अफ्रीकी देशों में इस्तेमाल किया जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं टीकाकारण के साथ-साथ मलेरिया से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के सुरक्षात्मक कपड़े पहनने, मच्छरदानी और कीटनाशकों के उपयोग के साथ मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए उपाय करते रहने की जरूरत है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, मलेरिया कुछ स्थितियों में घातक और जानलेवा हो सकता है इसलिए बचाव को लेकर निरंतर प्रयास किए जाते रहना चाहिए। 



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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