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World Food Day 2024: क्या गड़बड़ खान-पान से भी फेफड़ों की बढ़ सकती हैं दिक्कतें? कौन सी चीजें सबसे नुकसानदायक

Wed, 16 Oct 2024 10:34 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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वर्ल्ड लंग डे 2024 - फोटो : Freepik.com
फेफड़ों की बढ़ती बीमारियां स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बनी हुई हैं। फेफड़ों में संक्रमण हो या लंग्स कैंसर की दिक्कत, लगभग हर उम्र के लोग इस तरह की परेशानियों के शिकार देखे जा रहे हैं। अस्थमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) जैसी बीमारियां कम उम्र के लोगों को भी प्रभावित करती देखी गई हैं।

विशेषज्ञ कहते हैं, पर्यावरणीय समस्याओं के अलावा दिनचर्या-आहार में गड़बड़ी जैसी कई स्थितियां हैं जो फेफड़ों की बीमारियों को बढ़ाने वाली पाई गई हैं। आप किस तरह के आहार का सेवन करते हैं इसका भी सेहत पर सीधा असर पड़ता है।

डॉक्टर्स कहते हैं, फेफड़ों सहित कई प्रकार की क्रोनिक बीमारियों के लिए गड़बड़ खान-पान को एक महत्वपूर्ण कारक माना गया है। आहार-व्यायाम के पालन के साथ प्रदूषकों से बचना आपके फेफड़ों की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण है। कहीं आप भी ऐसी चीजें तो नहीं खाते-पीते हैं जिससे जाने-अनजाने शरीर के इस महत्वपूर्ण अंग को नुकसान पहुंच रहा है?

आइए जानते हैं कि फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए किन चीजों का सेवन करना चाहिए और किससे बचाव किया जाना चाहिए?
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फेफड़ों की समस्याएं - फोटो : istock
क्या कहती हैं आहार विशेषज्ञ?

सीओपीडी या पल्मोनरी फाइब्रोसिस (फेफड़ों में जख्म पैदा करने वाली समस्या) जैसी कुछ स्थितियों से पीड़ित लोगों के जीवन की गुणवत्ता पर भी इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। वहीं लंग्स कैंसर मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं। हालांकि जीवनशैली में बदलाव और आहार में सुधार करके फेफड़ों के साथ पूरे शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।

आहार विशेषज्ञ पारुल शर्मा बताती हैं, स्वस्थ वसा, प्रोटीन और कॉप्लेक्स कार्बोहाइड्रेट युक्त कुछ खाद्य पदार्थ, फल और सब्जियां आपके फेफड़ों को मजबूत बनाते हैं। जबकि कुछ चीजें आपके लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती हैं जिनपर ध्यान दिया जाना जरूरी है।
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स्वस्थ खानपान - फोटो : istock
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाएं?

आहार विशेषज्ञ बताती हैं, पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को आहार का हिस्सा बनाएं।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजें फेफड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने और इससे संबंधित बीमारियों के खतरे को कम करने में मददगार है।
  • अंडे, दही, गाय का दूध, सोया मिल्क और जूस का सेवन रोज करें।
  • प्रोटीन आपकी श्वसन मांसपेशियों को मजबूत और स्वस्थ रखने में मदद करता है। इससे भरपूर आहार से फेफड़ों की कार्यप्रणाली में सुधार होता है।
  • विटामिन-डी में सूजनरोधी और एंटीऑक्सीडेंट वाले प्रभाव होते हैं जिसे फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।
  • पोटेशियम वाली चीजों को फेफड़ों के कैंसर के खिलाफ सुरक्षात्मक प्रभावों वाला पाया गया है।  केले, एवोकाडो, दूध, फलियों में ये पोषक तत्व होता है।

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अस्वास्थ्यकर आहार के नुकसान - फोटो : istock
इन चीजों से होता है नुकसान

आहार विशेषज्ञ कहती हैं, कुछ चीजें फेफड़ों के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाली हो सकती हैं, जिनका सेवन कम से कम किया जाना चाहिए।
  • अध्ययन में पाया गया कि हाई सोडियम वाली चीजों से फेफड़ों की बीमारियों यहां तक कि कैंसर का खतरा हो सकता है।
  • डेयरी उत्पाद वैसे तो विटामिन-डी का बेहतरीन स्रोत हैं, हालांकि इसमें वसा भी अधिक होती है, जिसका फेफड़ों की कार्यप्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • प्रोसेस्ड मीट का अधिक सेवन करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता खराब हो जाती है। रेड मीट का भी सीमित सेवन करना चाहिए।
  • धूम्रपान और शराब के सेवन को फेफड़ों के लिए सबसे नुकसानदायक माना जाता है।
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फेफड़ों की सेहत - फोटो : istock
क्या कहती हैं विशेषज्ञ?

फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में आहार विशेषज्ञ सुजैन फिशर कहती हैं, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण वाले खाद्य पदार्थ ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में महत्वपूर्ण हैं, जो फेफड़ों की बीमारियों के लिए एक कारक है। फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और स्वस्थ वसा से भरपूर आहार जिसमें आवश्यक विटामिन, जिंक, आयरन और मैग्नीशियम होते हैं इनका सेवन करके आप फेफड़ों की दिक्कतों को कम कर सकते हैं। आहार को ठीक रखना फेफड़ों की अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है।



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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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