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World Liver Day 2025: लिवर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रही हैं आपकी ये आदतें, तुरंत कर लें सुधार

Sat, 19 Apr 2025 09:15 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लिवर शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है जो मेटाबोलिज्म को ठीक रखने, विषैले पदार्थों को बाहर निकालने, पाचन और कई अन्य कार्यों में अहम भूमिका निभाता है। हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है।
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लिवर की बीमारियों का खताृरा - फोटो : Freepik.com
शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी अंगों का ठीक तरीके से काम करते रहना जरूरी है। हालांकि जिस तरह से हमारी दिनचर्या और आहार में गड़बड़ी बढ़ती जा रही है, इसने सभी अंगों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हाल के वर्षों की मेडिकल रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि लिवर से संबंधित बीमारियों के मामले स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ भी बढ़ाते जा रहे हैं। आश्चर्यजनक रूप के 20 से कम आयु के युवाओं में भी लिवर से संबंधित बीमारियां काफी बढ़ गई हैं।

लिवर शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है जो मेटाबोलिज्म को ठीक रखने, विषैले पदार्थों को बाहर निकालने, पाचन और कई अन्य कार्यों में अहम भूमिका निभाता है। हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है ताकि लोगों को लिवर की सेहत के प्रति जागरूक किया जा सके।  

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर कम उम्र से ही लिवर की सेहत पर ध्यान दे दिया जाए तो इसकी बीमारियों के खतरे से बचा जा सकता है। क्या आप जानते हैं कि हमारी कुछ आदतें धीरे-धीरे लिवर को नुकसान पहुंचा रही हैं? इनसे तुरंत दूरी बना लीजिए।
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लिवर के लिए नुकसानदायक है लिवर - फोटो : Freepik.com
शराब का सेवन, लिवर के खतरनाक

अमेरिकन लिवर फाउंडेशन के अनुसार, जो लोग नियमित रूप से शराब पीते हैं उन्हें लिवर से संबंधित समस्याओं जैसे फैटी लिवर, हेपेटाइटिस और सिरोसिस का खतरा अधिक हो सकता है। थोड़ी मात्रा में भी शराब पीने की आदत इस अंग को क्षति पहुंचाने वाली हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लिवर को ठीक रखने के लिए शराब की आदत से बिल्कुल दूरी बना लेनी चाहिए। शराब न पीने से लिवर की बीमारियों के खतरे को 40 फीसदी तक कम किया जा सकता है।
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खान-पान को लेकर बरतें सावधानी - फोटो : Freepik.com
खान-पान की गड़बड़ी से लिवर की बीमारियों का जोखिम

हम जो कुछ खाते-पीते हैं उसका भी हमारी सेहत और लिवर पर भी सीधा असर होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, अनहेल्दी डाइट और जंक फूड्स की आदत लिवर की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की रिपोर्ट के अनुसार, हाई फ्रक्टोज कॉर्न सिरप, ट्रांस फैट और अत्यधिक शुगर से भरपूर खाद्य पदार्थ नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज का कारण बनते हैं।

कम उम्र से ही जंक-फास्ट फूड्स से दूरी बनाएं। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए बैलेंस्ड डाइट अपनाएं जिसमें हरी सब्ज़ियां, फल, साबुत अनाज और हेल्दी फैट्स हों।

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लिवर को स्वस्थ रखने के लिए करें उपाय - फोटो : Freepik.com
शारीरिक निष्क्रियता का भी लिवर पर पड़ता है असर

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, खान-पान के अलावा हम शारीरिक रूप से कितने एक्टिव रहते हैं इसका भी लिवर की सेहत पर सीधा असर होता है। वर्ल्ड जर्नल ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, शारीरिक निष्क्रियता से लिवर में फैट जमा होने लगती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ती है। अगर आपके दिन का अधिकतर समय बैठे-बैठे बीत जाता है तो आपको लिवर की बीमारियों का खतरा अधिक हो सकता है। 

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए हर दिन कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज (जैसे वॉकिंग, योग, साइकिलिंग) जरूरी है।
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लिवर को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें? - फोटो : Freepik.com
इन बातों पर भी दें ध्यान

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए कुछ और बातों का भी ध्यान रखना जरूरी है। 
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जरूरत से ज्यादा या फिर बिना डॉक्टरी सलाह के दवाइयों का सेवन न करें। दर्द निवारक दवाइयों का अधिक सेवन लिवर को डैमेज कर सकता है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हेपेटाइटिस संक्रमण के कारण भी लिवर की दिक्कतें बढ़ जाती हैं। इससे बचाव के लिए सुरक्षित यौन संबंध, नई सुई का प्रयोग और समय पर हेपेटाइटिस वैक्सीन लेना जरूरी है।
  • एक अध्ययन में पाया गया कि मोटापा लिवर में सूजन और फैटी डिजीज बढ़ाता है, इसलिए सबसे जरूरी है कि आप शरीर के वजन को कंट्रोल में रखें।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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