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World Diabetes Day 2019: ऐसे लोगों को होता है डायबिटीज का खतरा, एक बार आईने में देख लें अपना चेहरा

Thu, 14 Nov 2019 10:09 AM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डायबिटीज की बीमारी के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। यह बीमारी पूरे विश्व के सामने एक चुनौती बनी हुई है जिस वजह से हमेशा नए-नए शोध होते रहते हैं। हाल ही में हुए एक नए शोध के अनुसार छोटे कद के लोगों में डायबिटीज का खतरा ज्यादा होता है। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें सेहत का खास ध्यान रखना पड़ता है। इस नए शोध के अनुसार लंबे कद वाले पुरुषों में 41 फीसदी और महिलाओं में 33 फीसदी डायबिटीज का खतरा कम होता है। आइए जानते हैं इस शोध के बारे में विस्तार से....
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डायबिटीज का खतरा लंबाई और वजन के अनुसार घटता-बढ़ता है। शोध के अनुसार छोटे कद के लोगों में लिवर फैट की मात्रा सबसे ज्यादा होती है जिस वजह से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा शोध में यह भी बात सामने आई कि लंबे लोगों में इंसुलिन सेंसिटिविटी और हार्मोन का स्राव करने वाली अग्नाशय की विशेष कोशिकाएं बेहतर कार्य करती हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
यह शोध 'डायबिटोलोजिया' जर्नल में प्रकाशित किया गया है। इस शोध में 40 से 65 साल के आयु के लगभग 16,600 महिलाओं और 11,000 पुरुषों को शामिल किया गया था। शोध के मुताबिक जिन पुरुषों या महिलाओं के पैर धड़ की अपेक्षा ज्यादा लंबे होते हैं उनमें डायबिटीज का खतरा उतना कम होता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
क्या होती है टाइप 2 डायबिटीज ?

डायबिटीज की बीमारी के फिलहाल 2 प्रकार हैं। पहला टाइप 1 डायबिटीज और दूसरा टाइप 2 डायबिटीज। टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों के खून में शुगर का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है जिसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल होता है। इस बीमारी से ग्रसित मरीज को बहुत प्यास लगती है। इसके अलावा बार-बार पेशाब लगना और भूख लगने जैसी समस्याएं होती हैं। टाइप 2 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का सही तरीके से प्रयोग नहीं कर पाता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
टाइप 1 डायबिटीज
टाइप 1 डायबिटीज की बीमारी किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। लोकिन आमतौर पर 6 से 18 साल के आयु वाले बच्चों में यह बीमारी ज्यादातर देखने को मिलती है। यूं कहे तो यह बीमारी बच्चों में ज्यादा पाई जाती है। इस प्रकार के डायबिटीज में पैन्क्रियाज की बीटा कोशिकाएं पूरी तरह से नष्ट हो जाती हैं और इस तरह इंसुलिन का बनना सम्भव नहीं होता है। 
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