कैंसर की बढ़ती रफ्तार, पूरी दुनिया के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। भारत के संदर्भ में बात करें तो यहां की स्थिति और भी परेशान करने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार साल 2010-2019 के बीच भारत में कैंसर के मामलों में औसत वार्षिक दर में करीब दो फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। 30 दिसंबर, 2021 को जामा जर्नल में प्रकाशित वाशिंगटन स्कूल ऑफ मेडिसिन के यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवैल्यूएशन (IHME) के विश्लेषण के अनुसार, भारत में कैंसर की बढ़ती यह रफ्तार काफी तेज और चिंताजनक है। रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो साल 2020 में देश में कैंसर रोगियों की कुल संख्या करीब 14 लाख बताई जाती है। शोधकर्ताओं ने पाया इसमें भी स्तन, फेफड़े, मुंह, गर्भाशय ग्रीवा और जीभ के कैंसर के मामले सबसे अधिक हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक ब्रेस्ट कैंसर सबसे तेजी से बढ़ने वाले कैंसर में से एक है, खास बात यह है कि भारतीय महिलाओं में इस कैंसर का जोखिम भी कई वजहों से अधिक पाया गया है। महिलाओं में होने कैंसर के मामलों में 14 फीसदी केस स्तन कैंसर के होते हैं। देश के ग्रामीण हिस्सों की तुलना में शहरी महिलाओं में इसका खतरा अधिक पाया गया है। आइए आगे की स्लाइडों में ब्रेस्ट कैंसर के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।